बालोद के एक स्कूल में आपसी बवंडर, शिक्षा अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप, पार्टी करते हैं BEO
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार
बालोद जिले के एक स्कूल के 6 महिला शिक्षिकाओं ने एक शिकायत पत्र प्रशासन सहित विधायक मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा है मामला ये है कि जिले के एक विकास खंड शिक्षा अधिकारी का दौरा एक स्कूल में इतना ज्यादा है कि वहां की शिक्षिकाओं को आपत्ति है।
बालोद ।बालोद जिले के एक स्कूल के 6 महिला शिक्षिकाओं ने एक शिकायत पत्र प्रशासन सहित विधायक मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा है मामला ये है कि जिले के एक विकास खंड शिक्षा अधिकारी का दौरा एक स्कूल में इतना ज्यादा है कि वहां की शिक्षिकाओं को आपत्ति है जी हां ये बात हम नहीं बल्कि उन महिलाओं का शिकायती पत्र बता रहा है जो हमारे हाथ लगा है और बकायदा उस विद्यालय के प्राचार्य पर भी यह आरोप है कि वो माननीय अधिकारी जब वहां आते हैं तो माननीय को मैडम से मुलाकात करने कमरा भी मुहैया कराते हैं आखिर अब ये सवाल उठने लगा है कि आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है और मामले में शाला विकास प्रबंधन समिति का कहना है पर्सनल रिश्ता पर्सनल जगहों पर रखना चाहिए ना कि किसी विद्या के मंदिर में, अब यह मामला उच्च स्तर तक जा चुका है लेकिन दिलचस्प बात यह है कि मामले में अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। दअरसल यह मामला बेलमांड उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का बताया जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती यह खबर हर उस परिजन को हैरान कर देगी जो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से विद्यालय भेजते हैं बालोद जिले के बेलमांड विद्यालय के 6 महिला शिक्षकों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत बाघ पर जो आरोप लगाया है वह सनसनी खेज है, दअरसल महिलाओं ने आरोप लगाया है कि अधिकारी उनके विद्यालय में हद से ज्यादा आते हैं और एक मैडम में मिलते हैं और यहां पर पार्टी भी करते हैं और लैब को यहां के प्राचार्य अधिकारी और मैडम के प्राइवेसी के लिए मुहैया भी कराते हैं, जिसपर प्राचार्य ने ऑफ रिकॉर्ड कहा कि मेरे ऊपर लगाया गया सारा आरोप निराधार है मैं वहीं धर्म निभाता हूं जो एक प्राचार्य को उसके अधिकारी के आने पर निभाना चाहिए प्राचार्य का नाम नरेश कुमार मंडावी है जिन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
मामला शर्मनाक, कुछ भी नहीं कह सकते
मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडिया जब बेलमांड के शिक्षकों के पास पहुंची तो वहां के शिक्षकों ने बताया कि मामला इतना गंभीर है कि हम मीडिया के सामने बयान नहीं दे सकते क्यों कि वो अधिकारी है हमारे साथ कुछ भी कर सकते हैं, वहीं मामले में यह भी जानकारी मिली है कि बालोद के विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने सभी 6 शिकायत करता महिला शिक्षकों को लीगल नोटिस भी भेजा है।
शिकायत मिली, जांच कमेटी गठित
बालोद जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी डीपी कोसरे ने बताया कि ग्राम बेलमांड का मामला बेहद संवेदनशील है और इसके लिए जो शिकायत प्राप्त हुआ है उसपर जांच कमेटी पहले ही गठित की जा चुकी है लेकिन उच्च अधिकारी के स्वास्थ्य में खराबी के वजह से मामला आगे नहीं बढ़ पाया है, जैसे ही अधिकारी अवकाश से आयेंगे मामले में जांच और उचित कार्रवाई की जाएगी।
शाला प्रबंधन समिति के पास आया मामला
साला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सत्या गांवरे ने बताया कि साला प्रबंधन समिति के सामने या मामला आया था मामले में बहस और चर्चा भी हुई लेकिन जो वहां की महिला शिक्षिकाएं हैं उन्होंने इसकी शिकायत विभाग स्तर पर कर दी है इसलिए सारा मामला अब जिला शिक्षा विभाग के पास है उनके द्वारा यदि कोई ठोस लेने नहीं लिया जाता है तो सारा प्रबंध समिति और सभी ग्रामवासी मिलकर इसमें उचित न्याय करने की मांग करेंगे क्योंकि यहां पर हमारे बच्चे अच्छी शिक्षा लेने जाते हैं ना की कोई गलत शिक्षा और बच्चों के भविष्य के लिए हम सब आगे आएंगे उन्होंने कहा कि यदि कोई पर्सनल रिश्ता है तो उन्हें पर्सनल जगह पर करना चाहिए ना कि किसी शिक्षा के मंदिर में और यदि कोई विशेष है तो हम भी जानना चाहते हैं कि आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है।
आरोप बेबुनियाद है शिक्षकों की आपसी लड़ाई में इस तरह बदनाम करने की साजिश और ऐसा संभव नहीं है कि जिम्मेदार पद में रहते हुए स्कूल में ये सब हो, विभागीय जांच में सब स्पष्ट हो जाए वहीं सही है।
-बसंत बाघ, BEO बालोद





