छत्‍तीसगढ़ : जांजगीर के कांग्रेस कार्यकर्ता ने दो बेटों, पत्‍नी समेत जहर खाया, चारों की मौत

 छत्‍तीसगढ़ : जांजगीर के कांग्रेस कार्यकर्ता ने दो बेटों, पत्‍नी समेत जहर खाया, चारों की मौत

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

किसी को पता ना चले इसलिए दरवाजे पर लगाए ताले।

जहर खाने के बाद सबने मोबाइल बंद कर दिया था।

सबसे पहले बड़े बेटे नीरज यादव की मौत हुई थी।

 

बिलासपुर। जांजगीर के कांग्रेस नेता पंचराम यादव ने अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ जहर सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना में बड़े बेटे नीरज (28) की सिम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई। तीन लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई थी। उनका उपचार बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उपयार के दौरान देर रात हालात और भी गंभीर होते चले गए सुबह होते तक तीनों की मौत हो गई।

 

शारदा चौक जांजगीर निवासी पंचराम यादव (66) उसकी पत्नी दिनेश नंदनी यादव (55) पुत्र नीरज यादव (बंटी) (28) और सूरज यादव (25) ने 30 अगस्त को एक साथ जहर सेवन कर लिया। घर के बाहर किसी को पता न चले इसलिए सामने दरवाजे पर ताला लगा दिए थे और पीछे के दरवाजे से वापस जाकर वहां का दरवाजा भी अंदर से बंद कर दिए थे।

 

सबने अपनी मोबाइल बंद कर दिया था। जानकारी के अनुसार पड़ोस की एक लड़की उसके घर हमेशा आती जाती थी। जब दोपहर 12 बजे वह उनके घर गई और ताला बंद देखा तो पीछे से जाकर आवाज लगाई फिर भी किसी ने दरवाजा नहीं खोला तब वह वापस चली गई।

 

वह दो-तीन बार उसके घर जाने के लिए दरवाजे के पास आई और ताला लटकते हुए देखकर वापस लौट गई। उसे कुछ अनहोनी की आशंका हुई तो शाम सात बजे आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी। जब पड़ोसी और उसके स्वजन घर अंदर गए तो सभी गंभीर अवस्था में पड़े थे।

 

 

उनके मुंह से झाग निकल रहा था और उन्होने उल्टी भी की थी। लोगों की मदद से उन्हें रात लगभग आठ बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उनकी गंभीर स्थिति को देखकर रात में ही सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। सिम्स में ही देर रात पंचराम के बड़े बेटे नीरज यादव की मौत हो गई।

 

अन्य तीन सदस्यों का उपचार बिलासपुर के आरबी हाॅस्पिटल में चल रहा था। तीनों की स्थिति गंभीर बनी हुई थी। जानकारी के अनुसार परिवार के चारों सदस्यों की मौत हो गई है। कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि यादव परिवार के चार सदस्यों के जहर सेवन के कारणों का पता नहीं चला है। बड़े बेटे की मौत पहले ही हो गई थी। मामले की जांच की जा रही है।

कर्ज से थे परेशान

आसपास के लोगों ने बताया कि इनका बाजार में कर्ज बढ़ गया था और पंचराम लोगों से कहते भी थे कि कर्ज बहुत हो गया है इससे वे परेशान हैं। बहरहाल सच्चाई का पता जांच के बाद ही चलेगा।