जंबूरी 2026 घोटाला: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांग्रेस की याचिका स्वीकार की, राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

 जंबूरी 2026 घोटाला: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांग्रेस की याचिका स्वीकार की, राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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जंबूरी 2026 घोटाला: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांग्रेस की याचिका स्वीकार की, राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

बिलासपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने साल 2026 में प्रस्तावित ‘जंबूरी’ कार्यक्रम की तैयारियों में हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और एक तय समय सीमा के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले विशाल ‘जंबूरी’ समागम की प्रारंभिक तैयारियों, बुनियादी ढांचे के निर्माण और निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि चहेती कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये के ठेके आवंटित किए गए हैं।

याचिका में उठाए गए मुख्य बिंदु:

निविदा प्रक्रिया में अपारदर्शिता: आरोप है कि जंबूरी स्थल के विकास के लिए जारी किए गए टेंडरों में पारदर्शिता की कमी थी।

बजट का दुरुपयोग: याचिका में कहा गया है कि आवंटित फंड का उपयोग वास्तविक कार्यों के बजाय फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार में किया जा रहा है।

उच्च स्तरीय जांच की मांग: कांग्रेस ने कोर्ट से आग्रह किया है कि इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।

कोर्ट की कार्यवाही

मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने घोटाले से संबंधित कथित दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए। दलीलों को सुनने के बाद, उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे विचारणीय माना। कोर्ट ने राज्य शासन के संबंधित विभागों को नोटिस भेजकर पूछा है कि इन निविदाओं के आवंटन का आधार क्या था और क्या वित्तीय नियमों का पालन किया गया है।

राजनीतिक सरगर्मी तेज

हाईकोर्ट द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत” बताया है, वहीं सत्ताधारी दल की ओर से अभी इस पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार की गई हैं और वे न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

उच्च न्यायालय द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत” बताया है।