प्रदेश में धान खरीदी को लेकर दीपक बैज का सरकार पर बड़ा हमला; कहा- धान उठाव न होना किसानों के खिलाफ ‘सोची-समझी साजिश’

 प्रदेश में धान खरीदी को लेकर दीपक बैज का सरकार पर बड़ा हमला; कहा- धान उठाव न होना किसानों के खिलाफ ‘सोची-समझी साजिश’

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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प्रदेश में धान खरीदी को लेकर दीपक बैज का सरकार पर बड़ा हमला; कहा- धान उठाव न होना किसानों के खिलाफ ‘सोची-समझी साजिश’

रायपुर:प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने गुरुवार को धान खरीदी की वर्तमान स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्रों में धान का उठाव न होना और स्टॉक जाम होना सरकार की एक सोची-समझी साजिश है, ताकि खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो और सरकार को कम धान खरीदना पड़े।

41 लाख मीट्रिक टन धान केंद्रों में जाम

आंकड़ों का हवाला देते हुए बैज ने कहा कि प्रदेश के 2739 केंद्रों में अब तक लगभग 51 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, लेकिन उठाव मात्र 10 लाख मीट्रिक टन का ही हुआ है। वर्तमान में करीब 41 लाख मीट्रिक टन धान सोसायटियों में पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि 1600 से अधिक सोसायटियों में डीओ (Delivery Order) नहीं कटने के कारण उठाव रुका हुआ है, जिससे पूरी खरीदी प्रक्रिया बाधित हो रही है।

सूखत और लिमिट को लेकर जताई चिंता

बैज ने आशंका जताई कि लंबे समय तक धान खुले में रहने से होने वाले ‘सूखत’ (वजन में कमी) का भारी नुकसान सोसायटियों को उठाना पड़ेगा, क्योंकि सरकार ने इसके लिए कोई फंड जारी नहीं किया है। साथ ही, कई सोसायटियों में अब तक खरीदी की लिमिट नहीं बढ़ाई गई है, जिससे किसान अपना पूरा धान नहीं बेच पा रहे हैं।

किसानों के साथ लूट और भ्रष्टाचार का आरोप

सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दीपक बैज ने कहा कि किसानों को पुराने और फटे हुए बारदाने दिए जा रहे हैं, जिससे प्रति बोरी 2 से 3 किलो का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, तौल के दौरान भी प्रति क्विंटल 1 से 2 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और किसानों के साथ लूट करार देते हुए कहा कि यह सरकार धान खरीदी जैसा महत्वपूर्ण कार्य भी ठीक से संचालित करने में विफल रही है।