100 लग्जरी कार चोरी, पलक झपकते ही उड़ा देते थे वाहन; गिरोह के सदस्यों ने उगले बड़े राज

 100 लग्जरी कार चोरी, पलक झपकते ही उड़ा देते थे वाहन; गिरोह के सदस्यों ने उगले बड़े राज

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार

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गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच ने 100 से ज्यादा कार चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है और तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पांच कारें बरामद हुई हैं। आरोपी इंजन और चेसिस नंबर बदलकर कारों को बेचते थे। गिरोह के सदस्य नकली चाबियां बनाकर मारुति कंपनी की गाड़ियां चुराते थे। पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

 

गाजियाबाद। यूपी के गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच ने एनसीआर में कार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सोमवार को तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनसे पांच कार बरामद हुई हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी बीते करीब 10 साल में 100 से ज्यादा गाड़ियों को चुरा चुके हैं। एक कार को करीब 50 हजार रुपये में इंजन नंबर व चेसिस नंबर टेंपर कर बेच देते थे।

गिरोह के दो बदमाश फरार

पुलिस का कहना है कि आरोपित नकली चाबी बनाकर कार चोरी करते थे। अधिकांश कार मारुति कंपनी की 10 लाख से कम कीमत वाली हैं। इससे उनके ग्राहक तलाशने में ज्यादा परेशानी नहीं होती थी। पुरानी गाड़ी को काटकर उसके पार्ट बेचते थे। गिरोह के दो बदमाश फरार हैं।

एडीसीपी क्राइम पीयूष कुमार सिंह के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने वेव सिटी क्षेत्र से अलीगढ़ के जवां सिकंदरपुर निवासी अनिल कुमार, जितेंद्र और गौतमबुद्ध नगर स्थित ककोड़ के मोहल्ला ठाकुरान कुईया निवासी यामीन को गिरफ्तार किया है। अनिल कुमार के खिलाफ हरियाणा में चार, अलीगढ़ में दो, गाजियाबाद में एक सहित कुल 31 मुकदमे दर्ज हैं।

कन्हैया पर पांच केस दर्ज

वहीं, यामीन उर्फ भोलू उर्फ काला के खिलाफ 12 व जितेंद्र उर्फ कन्हैया पर पांच केस दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अलीगढ़ में रहने वाले जाहिद का कारों को स्क्रैप करने का यार्ड है। उनके पास मारुति कंपनी का मोबाइल एप है व वह इस कंपनी की अधिकांश कारों की चाबी खुद ही तैयार कर लेते थे। चोरी की कारों का चेसिस नंबर व फर्जी नंबर प्लेट यार्ड में स्क्रैप की गई गाड़ियों की लगा देते थे।

 

बताया गया कि यह गिरोह मांग के आधार पर कार चोरी करता था। अग्रिम 10 से 20 हजार रुपये ले लेता था व कार चोरी कर 40 से 50 हजार रुपये वसूलता था। बिक्री न होने पर चोरी की कारों को जाहिद के स्क्रैप यार्ड में उनके पार्ट अलग-अलग कर देते थे। गिरोह के दो सदस्य जाहिद व लविश कुमार पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। आरोपितों से दो वैगनआर, दो स्विफ्ट कार व एक बलेनो कार बरामद की गई है।

सबसे ज्यादा शिक्षित आरोपित है आठवीं पास

पकड़े गए बदमाशों में सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा अनिल कुमार है। आठवीं पास करने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद उसने दिल्ली के छतरपुर में सब्जी बेचने काम भी किया। वर्ष 2015 में एक बाइक मैकेनिक के संपर्क में आकर बाइक चोरी करने लगा। फिर कार चोरी में लिप्त हो गया। जितेंद्र उर्फ कन्हैया सातवीं फेल है, जबकि यामीन पांचवीं तक पढ़ा है।