अब तक छत्तीसगढ में दो मुठभेड़, 30 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद, बीजापुर में 26 तो कांकेर में 4 नक्सली मारे गए
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

एंड्री के जंगल के पास घेराबदी करते हुए आगे बढ़े तो नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से लगभग चार से पांच घंटे तक गोलीबारी हुई।
कांकेर व नारायणपुर जिले की सीमा पर मुठभेड़ में चार नक्सलियों के शव समेत बरामद।
जगदलपुर। डबल इंजन सरकार में मार्च 2026 तक नक्सलियों के समूल सफाए को लक्ष्य को गति देते हुए सुरक्षा बल ने गुरुवार को बस्तर संभाग के बीजापुर व कांकेर जिले मेें हुए दो अलग मुठभेड़ में 30 नक्सलियों को मार गिराया है। दोनों ही मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारुद भी मिले हैं। बीजापुर में अभियान के दौरान नक्सलियों से लड़ते हुए डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवान राजू ओयाम को वीरगति को प्राप्त हुए हैं।
पुलिस के अनुसार बीजापुर व दंतेवाड़ा जिले के सीमा पर गंगालूर थाना से लगभग 26 किमी दूर बैलाडीला पहाड़ी के पास पुरंगेल, गमपुर, एंड्री के जंगल व पहाड़ में सुबह सात बजे से लेकर दोपहर तक चले मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की सर्चिंग पर 26 नक्सली के शव मिले हैं, जबकि इधर महाराष्ट्र की सीमा से सटे कांकेर व नारायणपुर जिले के सीमा पर हुए मुठभेड़ में चार नक्सलियों को ढेर किया गया है।
बस्तर आइजीपी सुंदरराज पी. ने बताया कि बैलाडीला पहाड़ी के पास के जंगलों में पश्चिम बस्तर डिविजन के नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना के बाद बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले से डीआरजी, कोबरा बटालियन व स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के संयुक्त टीम को बुधवार की रात को अभियान पर भेजा गया।
गुरुवार की सुबह सुरक्षा बल के जवान पुरंगेल, गमपुर होते हुए एंड्री के जंगल के पास स्थित पहाड़ी की घेराबदी करते हुए आगे बढ़े तो नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से लगभग चार से पांच घंटे तक गोलीबारी हुई है।
कांकेर व नारायणपुर जिले की सीमा पर हुए मुठभेड़ में चार नक्सलियों के शव समेत बरामद किया गया है। सभी जवानों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
इस वर्ष अब तक 119 नक्सली मारे
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक नक्सलियों का संपूर्ण सफाया करने का लक्ष्य को पूरा करने विष्णुदेव साय सरकार ने नक्सलियों के विरुद्ध अभियान को तेज कर दिया है।
इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक प्रदेश में हुए दस मुठभेड़ में 119 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है।
पिछले वर्ष भी 100 से अधिक अभियान में 239 नक्सलियों को मार गिराया गया था।
इसमें 219 नक्सलियों के शव व बड़ी संख्या में हथियार पुलिस को मिले थे।
अन्य नक्सलियों के मारे जाने की बात नक्सलियों ने पर्चा जारी कर स्वीकार किया गया था।
डबल इंजन की सरकार में 14 माह में 358 नक्सली मारे जा चुके हैं।
जवानों के हौसले बुलंद
सुरक्षा बल जवानों को नक्सलियों के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है। नक्सलियों से लड़ते हुए एक जवान बलिदान हुआ है। लगातार मिल रही सफलता से जवानों का मनोबल बढ़ा हुआ है। नक्सलियों के सामने अब आत्मसमर्पण करना ही एक रास्ता बचा है, वरना जवान उन्हें सबक सिखाना जानते हैं।
-सुंदरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक बस्तर क्षेत्र
वर्ष 2025 में मुठभेड़ में मिली सफलता
31 नक्सली मारे गए 09 फरवरी को बीजापुर मुठभेड़ में
16 नक्सली मारे गए 21 जनवरी को गरियाबंद मुठभेड़ में।
18 नक्सली मारे गए 16 जनवरी को बीजापुर मुठभेड़ में
8 नक्सली मारे गए थे 1 फरवरी को बीजापुर के कोरचोली में
5 नक्सली मारे गए 5 जनवरी को अबूझमाड़ मुठभेड़ में
5 नक्सली मारे गए। 2 जनवरी को बीजापुर मुठभेड़ में
3 नक्सली ढेर हुए 3 जनवरी को गरियाबंद के कांडेसर में
2 नक्सली मारे गए 1 मार्च को सुकमा जिले में।
1 नक्सली मारा गया 1 फरवरी को बीजापुर के पानीडोबिर में
119 नक्सली मारे गए 2025 में
239 नक्सलियों मारे गए थे 2024 में
358 नक्सली मारे गए 14 माह में प्रदेश में
‘नक्सलमुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपना रही है। अगले वर्ष 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है।
-अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री
क्रूर, निरंकुश नक्सलवाद का अंत उचित है,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक देश-प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हुए, सुरक्षाबल के जवान निरंतर सफलता हासिल कर लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई मजबूती से जारी है। बस्तर 2026 तक भयमुक्त होगा। मुठभेड़ में डीआरजी के जवान के बलिदान होने की भी दुःखद खबर है। उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। जवानों के हौसले और अदम्य साहस को नमन करता हूं।
-विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री छग शासन
यह ऑपरेशन हमारे बहादुर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और मजबूत भुजाओं का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की राह में बाधा बनने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
-विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री छग शासन





