छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में गांजा तस्कर को पैसा लेकर छोड़ने आरोप में, चार पुलिस कर्मी सस्पेंड
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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गांजा तस्कर सेटिंग करके महासमुंद से निकला पर कवर्धा में पकड़ा गया,
महासमुंद।महासमुंद जिले में पुलिस-आरोपी की सेटिंग का बड़ा मामला सामने आया है। गांजा तस्करी करने वाला आरोपी न केवल नशे के कारोबार में लिप्त है, बल्कि जाली नोटों का सौदागर भी निकला। दो दिन पहले पटेवा पुलिस ने उसे 20 किलो गांजा के साथ पकड़ा था, लेकिन कथित सेटिंग के बाद छोड़ दिया था। अब कबीरधाम पुलिस ने उसे दशरंगपुर चौकी क्षेत्र में 500-500 के 15 नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। इस खुलासे के बाद महासमुंद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। महासमुंद पुलिस ने 4 आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया है।
आरोपी भीखम चंद्रवंशी (27) कबीरधाम जिले के ग्राम मोहतरा थाना पांडातराई का रहने वाला है। वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाइक (सीजी 07 बीएम 8370) पर ओडिशा गया था, जहां से गांजा खरीदकर वापस लौट रहा था। 5 सितंबर को पुलिस ने उसे 20 किलो गांजा के साथ पकड़ लिया। लेकिन, आरोप है कि आरोपी ने पुलिस से 60 हजार रुपए में सेटिंग कर ली। ऑनलाइन पेमेंट एक ढाबा संचालक के अकाउंट में किया गया।
मामला सामने आते ही महासमुंद एसपी आशुतोष सिंह ने चार आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक पटेवा से छूटने के बाद भीखम अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान कबीरधाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। दशरंगपुर चौकी के पास जब उसकी तलाशी हुई, तो 500-500 रुपए के 15 नकली नोट बरामद हुए। उसके पास गांजा तो नहीं मिला, लेकिन पुलिस को नकली नोटों के नेटवर्क की अहम जानकारी हाथ लगी।
पुलिस पूछताछ में भीखम ने स्वीकार किया है कि वह लंबे समय से जाली नोटों का धंधा कर रहा है। वह 50 हजार तक नकली नोट जुए में खपा चुका है। आरोपी ने 3 से 4 लाख रुपए तक नकली नोट बाजार में चलाए हैं। एक महीने पहले भी वह नकली नोट के शक में पकड़ा गया था, लेकिन सबूत न मिलने के कारण छूट गया था। डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर (कवर्धा) ने कहा कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 179 और 180 के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में ओडिशा नेटवर्क की पुष्टि हुई है। टीम जल्द ही ओडिशा रवाना होगी।
एसपी आशुतोष सिंह (महासमुंद) ने कहा कि गांजा तस्कर से सेटिंग कर छोड़ने के आरोप में चार आरक्षकों को निलंबित किया गया है। जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। यह विभागीय जांच का मामला है, इसीलिए निलंबित पुलिस कर्मियों का नाम उजागर नहीं किया जा सकता।
गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह गांजा तस्करी करते-करते ओडिशा के एक सप्लायर के संपर्क में आया। वहीं से उसे नकली नोटों का काम मिला। वह 10 हजार रुपए के असली नोट देकर 50 हजार रुपए तक के नकली नोट खरीद लेता और इन्हें जुए तथा अलग-अलग जगहों पर खपा देता था। कबीरधाम पुलिस अब ओडिशा जाकर इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश करेगी।








