दुर्ग पुलिस का ‘ऑपरेशन अफीम’: राजस्थान का एक और तस्कर गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ के ढाबों से चलता था नशे का काला कारोबार

 दुर्ग पुलिस का ‘ऑपरेशन अफीम’: राजस्थान का एक और तस्कर गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ के ढाबों से चलता था नशे का काला कारोबार

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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दुर्ग पुलिस का ‘ऑपरेशन अफीम’: राजस्थान का एक और तस्कर गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ के ढाबों से चलता था नशे का काला कारोबार

भिलाई/दुर्ग: दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती और तस्करी के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा–झेनझरी गांव में अफीम की खेती के खुलासे के बाद पुलिस ने अब इस गिरोह के एक और महत्वपूर्ण सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी मदरूपा राम विश्नोई राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला है, जिसके पास से पुलिस ने नशे की बिक्री के 42 हजार रुपये नगद और मोबाइल बरामद किया है।

खेत से ढाबे तक फैला था नेटवर्क

पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि समोदा में बीजेपी नेता के संरक्षण में उगाई जा रही अफीम को स्थानीय ढाबों में खपाया जा रहा था। मुख्य आरोपी विकास बिश्नोई से रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कबीरधाम (कवर्धा) जिले के चिल्फी रोड स्थित ‘राजस्थानी भोजनालय’ पर छापा मारा।

यहाँ मदरूपा राम विश्नोई ढाबे की आड़ में ट्रक ड्राइवरों और अफीम के शौकीनों को डोडा चूरा और अफीम की सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने मौके से बरामद नकदी को अफीम की बिक्री से हुई कमाई बताया है।

NDPS की धारा 27(A) लगने से बढ़ी मुश्किलें

इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों (विकास बिश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर, छोटू राम, रणछोड़ राम, सुनील देवासी और मदरूपा राम) की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 27(A) जोड़ी गई है, जो अवैध तस्करी को वित्तपोषित (Financing) करने से जुड़ी है। इस धारा के तहत दोषियों को कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

हाईवे के ढाबे बने नशे के सुरक्षित ठिकाने

पुलिस जांच में सामने आया है कि तस्करों का मुख्य निशाना लंबी दूरी के ट्रक चालक होते थे। आरोपी ढाबों पर अफीम की सुविधा उपलब्ध कराते थे ताकि ड्राइवरों के माध्यम से यह नेटवर्क दूसरे राज्यों तक भी फैल सके। इससे पहले धमधा-बेमेतरा मार्ग के दो ढाबों पर भी पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

पुलिस की चेतावनी: अभी और होंगे खुलासे

दुर्ग पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क काफी गहरा है। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि अफीम के बीज कहाँ से आए और इस गिरोह के तार और किन बड़े सफेदपोशों से जुड़े हैं। पुलिस की टीमें अभी भी फरार अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिश दे रही हैं।