सूरजपुर डबल मर्डर । प्रधान आरक्षक तालिब शेख की हत्या करना चाहता था बदमाश कुलदीप, नहीं मिला तो पत्नी व बेटी की ले ली जान

 सूरजपुर डबल मर्डर । प्रधान आरक्षक तालिब शेख की हत्या करना चाहता था बदमाश कुलदीप, नहीं मिला तो पत्नी व बेटी की ले ली जान

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

पुलिस को चकमा देने की मंशा से घर से दूर ले जाकर फेंक दिया था शव

परिचितों, दोस्तों को हिरासत में लेने से ही पुलिस को लोकेशन लेने में मिली मदद

सुनियोजित साजिश के तहत मां- बेटी के शव को घर से दूर ले जाकर फेंक दिया था।

 

अंबिकापुर : असामाजिक और अपराधिक गतिविधियों के कारण लगातार पुलिसिया कार्रवाई के दायरे में फंस रहा सूरजपुर जिले का आदतन बदमाश कुलदीप साहू, प्रधान आरक्षक तालिब शेख की हत्या करना चाह रहा था। प्रधान आरक्षक की तलाश में ही शराब के नशे में वह साथियों के साथ उसके किराए के घर पहुंचा था।

रात में प्रधान आरक्षक ड्यूटी पर था। घर पर नहीं मिलने के कारण आरोपित कुलदीप ने प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की निर्ममता से हत्या कर दी थी। सुनियोजित साजिश के तहत मां- बेटी के शव को घर से दूर ले जाकर फेंक दिया था। इसके पीछे आरोपित की मंशा पुलिस को चकमा देने की थी। आरोपित को लगा था कि यदि तत्काल शव मिल जाएगा तो पुलिस उसके पीछे पड़ जाएगी। पुलिस को गुमराह कर भागने के लिए समय मिल जाने की उम्मीद पर उसने मां – बेटी के शवों को दूर ले जाकर फेंक दिया था। उसे लगा था कि मां-बेटी के नहीं मिलने पर पुलिस का ध्यान भटकेगा। पुलिस उन दोनों की तलाश में लगी रहेगी तब तक वह आराम से भाग निकलेगा।

 

 

 

सूरजपुर जिले में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और बेटी की हत्या के मुख्य आरोपित निगरानीशुदा बदमाश कुलदीप साहू , एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चंद्रकांत चौधरी सहित पांच आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से चार को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस की पूछताछ और जांच में दोहरे हत्याकांड को लेकर नई जानकारी भी निकल कर सामने आ रही है। अधिकारियों ने बताया कि घटना दिवस को मुख्य आरोपित नशे में था। नशे की स्थिति में ही उसने योजनाबद्ध तरीके से घटना कारित की थी। इसमें अन्य आरोपितों की भी अहम भूमिका थी। इन सभी की गतिविधियां असामाजिक और अपराधिक रही है।

 

 

फोन करते ही ट्रेस हुआ लोकेशन और पकड़ा गया कुलदीप

 

सूरजपुर चौपाटी में आरक्षक पर गर्म तेल उड़ेलने,पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने का प्रयास करने के बाद पुलिस की अलग- अलग टीमें मुख्य आरोपित कुलदीप साहू की तलाश में लगी हुई थी। इसी बीच रात में प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी के रहस्यमय तरीके से लापता हो जाने पर पुलिस अनहोनी मानकर जांच में लगी थी। निगरानी बदमाश कुलदीप साहू के सभी साथियों, परिचितों को रात में ही पुलिस ने उठा लिया था। कुलदीप ने अपना मोबाइल बन्द कर लिया था। पुलिस को विश्वास था कि बदमाश कुलदीप किसी न किसी के मोबाइल से अपने परिचित अथवा दोस्त को फोन करेगा ही। पुलिस का अनुमान सच निकला। कुलदीप ने गढ़वा से उस व्यक्ति के पास फोन किया जो सूरजपुर पुलिस की निगरानी में था। उसके फोन करते ही पुलिस को बदमाश कुलदीप के लोकेशन का पता चल गया। उसी आधार पर पुलिस ने उसका पीछा जारी रखा। आखिरकार घटना के दूसरे दिन ही उसे बलरामपुर में गिरफ्तार कर लिया गया।

 

 

पुलिस ने मेरा जीना हराम कर दिया है

 

आदतन बदमाश कुलदीप साहू के परिवार का अपराधिक रिकार्ड रहा है। कुलदीप साहू पर ही घटना के पहले तक 27 प्रकरण पंजीकृत थे। उसके पिता,चाचा,भाई की अपराधिक गतिविधियों के कारण पुलिस लगातार उनके विरुद्ध भी कार्रवाई कर रही थी। यही कारण है कि कुलदीप के मन में पुलिस के प्रति गुस्सा था। घटना दिवस रविवार को सूरजपुर के चौपाटी में आरक्षक घनश्याम सोनवानी ने जिला बदर होने के कारण उसे पकड़ने का प्रयास किया था। आरक्षक से उसने कहा था कि पुलिस मेरा जीना हराम कर रखी है। आरक्षक के ऊपर उसने होटल में कड़ाही में रखा गर्म तेल फेंक दिया था। उसके दुःसाहस को देखते हुए ही पुलिस उसे गिरफ्तार करने के प्रयास में लगी थी तब उसने कार से कुचलने का भी प्रयास किया था।

 

परिवार का अपराधिक रिकार्ड

 

 

0 कुलदीप साहू : निगरानीशुदा बदमाश , घटना के पहले तक 27 एफआईआर, जिला बदर के उल्लंघन पर पृथक से कार्रवाई।

 

0भाई संदीप साहू : मारपीट व लूट का नामजद आरोपित।

 

0 चाचा संजय साहू : अपराधिक रिकार्ड के आधार पर जिला बदर, उल्लंघन पर वर्तमान में जेल में निरुद्ध।

 

0 पिता अशोक साहू : कई अपराध में नामजद , जिला बदर का प्रकरण जिला दण्डाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन

 

नए चेहरे को बनाया एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष,हत्यारोपित बना तो संगठन भंग करने उठी मांग

 

अंबिकापुर : पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन काल में सरगुजा संभाग में कांग्रेस की गुटीय कलह सार्वजनिक हो चुकी थी। संभाग में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के प्रभाव को कम करने एनएसयूआइ और युवक कांग्रेस जैसे संगठनों में नए चेहरों को विरोध के बाद भी पद दे दिया गया था। सूरजपुर में प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी की हत्या में एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष की संलिप्तता के बाद अब कांग्रेस के भीतरखाने से ही ऐसे युवाओं को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाए जाने की मांग शुरु हो गई है। हत्यारोपितों का कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ तस्वीर भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।

 

कांग्रेस के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप और इंटरनेट मीडिया पर सिंहदेव के समर्थक पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। सभी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पूर्व मंत्री अमरजीत भगत से जुड़े लोगों को जो कभी कांग्रेस में सक्रिय नहीं थे उन्हें विभिन्न पदों पर नियुक्ति दिए जाने की बात का विरोध शुरू कर दिया है। अब तो खुलकर एनएसयूआइ प्रदेश अध्यक्ष सहित जिले में बनाए गए अध्यक्षों को व अन्य पदाधिकारी को तत्काल हटाए जाने की मांग की जा रही है। बता दें, प्रदेश में जब भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच राजनीतिक वर्चस्व का दौर चल रहा था तब सरगुजा संभाग में एनएसयूआइ, युवा कांग्रेस सहित प्रमुख जिला कांग्रेस संगठन में ऐसे पदाधिकारियों को लाकर खड़ा किया जा रहा था, उन्हें पद दिया जा रहा था जो कभी सक्रिय नहीं थे। ऐसे में वर्षों से संगठन में रहकर काम करने वाले पदाधिकारी व कार्यकर्ता हतोत्साहित हो चुके थे। तब भी सिंहदेव और उनके समर्थकों ने ऐसी नियुक्तियों का विरोध किया था, तब किसी ने यहां की आवाज नहीं सुनी और परिणाम स्वरूप सूरजपुर में एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष के हत्या जैसे संगीन वारदात में शामिल होने के मामले ने राजनीति को भी गर्म कर दिया

 

है। संभाग के पदाधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि सरगुजा संभाग में मूल संगठन के समानांतर संगठन खड़ा करने के चक्कर में स्थिति को चिंताजनक बना दिया है। ऐसे पदाधिकारी के कारण कांग्रेस की छवि धूमिल होने लगी है।

 

एनएसयूआइ प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने की मांग

 

युवा कांग्रेस आरटीआइ सेल के अध्यक्ष एवं एनएसयूआइ सरगुजा के पूर्व जिलाध्यक्ष हिमांशु जायसवाल ने एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ,प्रदेश प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष को सरगुजा संभाग के समस्त कार्यकारिणी को भंग करने हेतु पत्र लिखा है।पत्र में लिखा है कि कोई भी संगठन जनता के हित में कार्य करने एवं लोगों के साथ खड़े रहने एवं समाज में अराजकता को दूर करने के लिए होता है। एनएसयूआइ भी छात्रों के लिए सदैव कार्य करने वाला है और इस संगठन में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है पर वर्तमान में संगठन में कई ऐसे पदाधिकारी बैठे हुए है जिनकों न तो जनता छात्रों ओर न समाज से मतलब है। सूरजपुर की घटना से बहुत दुखी हूं, ऐसा कोई भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए संगठन ने शिक्षित छात्रों को संगठन की जिम्मेदारी दी जाए और संभाग में कार्यकारिणी को भंग कर सभी की बैकग्राउंड को जांच कर ही उनको पद दिया जाए जिससे संगठन की छवि धूमिल करने वाले लोगों को मौका न मिल पाए। ऐसे में लोगों का संगठन से जुड़े व्यक्तियों से विश्वास उठ जाएगा क्योंकि हमने भी इस संगठन से जुड़कर समाज छात्रों के लिए काम किया हूं और ऐसा कृत्य से मुझे व्यक्तिगत रूप से दुखी हु इस पत्र के माध्यम से आपसे निवेदन है कि कार्यकारिणी तत्काल रूप से भंग कर नवीन कार्यकारिणी बनाई जाए।इस पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को भी प्रेषित किया है