रायपुर में 23 जनवरी से लागू होगी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली: अधिसूचना सोमवार को, कमिश्नर को मिलेंगे 16 विशेष अधिकार
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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रायपुर में 23 जनवरी से लागू होगी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली: अधिसूचना सोमवार को, कमिश्नर को मिलेंगे 16 विशेष अधिकार
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है। आगामी 23 जनवरी से शहर में ‘पुलिस कमिश्नरी प्रणाली’ (Police Commissionerate System) लागू कर दी जाएगी। विधि विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद गृह विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। हालांकि पहले इसके शुक्रवार देर रात तक जारी होने की संभावना थी, लेकिन अब सोमवार को आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी होने की उम्मीद है।
16 महत्वपूर्ण शक्तियों से लैस होंगे कमिश्नर
नई व्यवस्था के तहत पुलिस कमिश्नर को 16 विशेष अधिकार दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
प्रमुख अधिकार इस प्रकार हैं:
धारा 144 और धरना-प्रदर्शन: शहर में धारा 144 लागू करने, जुलूस, सभा और धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने का अधिकार अब सीधे कमिश्नर के पास होगा।
कठोर कानूनी कार्रवाई: जिला बदर की कार्रवाई (राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990) और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तारी के आदेश कमिश्नर दे सकेंगे।
जेल और पैरोल: कैदी अधिनियम के तहत कैदियों को बीमारी या घरेलू कारणों से अल्पकालीन पैरोल देने और जेल सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई का अधिकार मिलेगा।
छापेमारी और तलाशी: देह व्यापार निवारण अधिनियम, विष अधिनियम (अवैध जहर बिक्री) और विस्फोटक अधिनियम के तहत तलाशी वारंट जारी करने और कार्रवाई करने की शक्ति होगी।
विशेष अधिनियम: पेट्रोलियम अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और मोटर वाहन अधिनियम के तहत यातायात नियंत्रण के सीधे आदेश दिए जा सकेंगे।
शस्त्र और आबकारी लाइसेंस पर नहीं होगा नियंत्रण
शक्तिशाली अधिकारों के बावजूद, रायपुर पुलिस कमिश्नर को ‘शस्त्र लाइसेंस’ (Arms License) और ‘आबकारी’ (Excise/Liquor License) जारी करने का अधिकार नहीं दिया गया है। ये अधिकार पूर्ववत कलेक्टर/जिला प्रशासन के पास ही रहेंगे।
अपराध नियंत्रण में आएगी तेजी
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस मॉडल को अपनाने का मुख्य उद्देश्य राजधानी में तेजी से बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाना और सार्वजनिक सुरक्षा को पुख्ता करना है। सीधे आदेश देने की शक्ति मिलने से प्रशासनिक देरी खत्म होगी और पुलिस तात्कालिक परिस्थितियों में त्वरित निर्णय ले सकेगी।
23 जनवरी से रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था एक नए स्वरूप में नजर आएगी, जिससे आम जनता को बेहतर कानून-व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।










