छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलियों को हथियार छोड़ शांति वार्ता की पेशकश, सरकार बिना शर्त सरेंडर के पक्ष में…

 छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलियों को हथियार छोड़ शांति वार्ता की पेशकश, सरकार बिना शर्त सरेंडर के पक्ष में…

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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सरकार इसे खुद को मजबूत करने के लिए कुछ समय हासिल करने का नक्सलियों का हथकंडा मान रही है। सरकार ने पहले ही साफ कर दिया कि वह नक्सलियों के संघर्ष विराम के झांसे में नहीं आएगी। उन्हें बिना शर्त आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में आना होगा।

रायपुर।चौतरफा घिरने और शीर्ष कमांडर के मारे जाने से खौफ में आए नक्सलियों ने हथियार छोड़कर केंद्र सरकार से शांति वार्ता की पेशकश की है, लेकिन शर्त भी रखी है कि पहले सरकार की तरफ से एक महीने का संघर्ष विराम किया जाए। सरकार इसे खुद को मजबूत करने के लिए कुछ समय हासिल करने का नक्सलियों का हथकंडा मान रही है। सरकार ने पहले ही साफ कर दिया कि वह नक्सलियों के संघर्ष विराम के झांसे में नहीं आएगी। उन्हें बिना शर्त आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में आना होगा।

 

 

 

छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद नक्सली संगठन कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी की केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने यह पत्र जारी किया। पत्र में माओवादियों ने हथियारबंद संघर्ष को अस्थायी रूप से छोड़कर देश की उत्पीड़ित जनता की समस्या के समाधान के लिए जन संघर्षों में शामिल होने की बात कही है।

 

वीडियो कॉल से वार्ता की पेशकश : पत्र में कहा है, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक लगातार हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील कर रहे हैं, इसके मद्देनजर हमने हथियार छोड़ने का निर्णय किया है। हम इस विषय पर केंद्रीय गृह मंत्री या उनकी तरफ से नियुक्त व्यक्तियों या प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के लिए तैयार हैं।

 

हम सरकार के साथ वीडियो कॉल के जरिये वार्ता के लिए तैयार हैं। इसलिए, सरकार तुरंत एक महीने के लिए औपचारिक संघर्ष विराम की घोषणा करे, ताकि हम देशभर में काम कर रहे और जेलों में बंद अपने नेताओं व साथियों से सलाह-मशविरा कर सकें। खोजी अभियान रोककर शांति वार्ता आगे बढ़ाना व खून से बह रहे जंगलों को शांति के वनों में तब्दील करना सरकार के रुख पर ही निर्भर करेगा।

 

सरकार की नीति स्पष्ट

केंद्र सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ पहले ही अपनी नीति स्पष्ट की हुई है। सरकार का मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का एलान है। गृहमंत्री अमित शाह ने साफ संदेश दिया है कि सीजफायर के झांसे में सरकार नहीं आएगी। सरकार की नीति स्पष्ट है कि असली शांति सिर्फ आत्मसमर्पण और मुख्यधारा में वापसी से आएगी।

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, हम पत्र की प्रामाणिकता जांच रहे हैं। माओवादियों के लिए सबसे अच्छा तरीका आत्मसमर्पण करना है।