कर्मचारी से मारपीट विवाद: कांग्रेस का मंत्री केदार कश्यप पर हमला, रायपुर-जगदलपुर में बवाल
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार चौधरी
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छत्तीसगढ़ के मंत्री केदार कश्यप कर्मचारी से मारपीट विवाद में घिर गए हैं. कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है. रायपुर और जगदलपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया और मंत्री के इस्तीफे की मांग की
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजनीति में सोमवार को बड़ा बवाल देखने को मिला. मंत्री केदार कश्यप पर कर्मचारी से मारपीट विवाद के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर और जगदलपुर की सड़कों पर उतर आए. राजधानी रायपुर में कांग्रेसियों ने गांधी मैदान से रैली निकाली और मंत्री के इस्तीफे की मांग की. जब जुलूस नगर निगम व्हाइट हाउस से मोतीबाग चौक की ओर बढ़ा तो पुलिस ने रोक लिया. इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जोरदार झूमाझटकी हुई.
रायपुर और जगदलपुर में मंत्री केदार कश्यप के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया है.
जगदलपुर में भी कांग्रेस ने जोरदार विरोध दर्ज कराया. यहां कार्यकर्ताओं ने मंत्री के पुतले जलाए और बर्खास्तगी की मांग की. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंत्री ने सर्किट हाउस में कर्मचारी से न केवल मारपीट की बल्कि गाली-गलौज भी की. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और सरकारी कर्मचारियों के सम्मान पर हमला है.
वीडियो जारी कर लगाए आरोप, कांग्रेस आई एक्शन में
चतुर्थ वर्ग कर्मचारी और उसकी पत्नी ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मंत्री कश्यप ने कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारे और अपशब्द कहे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की और कहा कि मंत्री का व्यवहार अस्वीकार्य है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर हमला बोलते हुए कहा कि “कर्मचारी को गाली देने और मारने वाले मंत्री को भाजपा को तुरंत हटाना चाहिए.”
आदिवासी नेतृत्व को बदनाम करने की साजिश, भाजपा का पलटवार
दूसरी ओर भाजपा ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया. भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष रजनीश पानीग्राही ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी नेतृत्व को बदनाम करने की साजिश कर रही है. उन्होंने कहा कि बस्तर के कद्दावर नेता केदार कश्यप को कमजोर करने के लिए कांग्रेस लगातार टूलकिट चला रही है, लेकिन जनता सच जानती है.
मंत्री ने किया आरोपों को खारिज
मंत्री केदार कश्यप ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया. उनका कहना है कि जब वह सर्किट हाउस पहुंचे तो कमरा लॉक था. देर से पहुंचे कर्मचारी से उन्होंने नाराजगी जताई, लेकिन किसी तरह की हाथापाई या गाली-गलौज नहीं की. उन्होंने कांग्रेस पर “राजनीतिक नौटंकी” करने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दी है और आने वाले दिनों में विरोध और तेज करने की रणनीति बनाई है. यह विवाद छत्तीसगढ़ की सियासत में नया मोड़ ले आया है, जहां कांग्रेस इसे लोकतंत्र और आदिवासी अधिकारों का सवाल बता रही है, तो भाजपा इसे झूठा प्रचार कह रही है.







