मन की बात में पीएम मोदी का स्वदेशी वाला संदेश उपहार वही, जो भारत में बना हो…

 मन की बात में पीएम मोदी का स्वदेशी वाला संदेश उपहार वही, जो भारत में बना हो…

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार चौधरी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 125 वें संस्करण में देश में आ रही प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने बचाव कर्मियों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों का भी जिक्र किया।

 

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 125वें कार्यक्रम के जरिए देश के नाम अपना संदेश दिया। मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने हाल में आई प्राकृतिक दुर्घटनाओं, जम्मू-कश्मीर की उपलब्धि, शहडोल के फुटबॉल गांव का जिक्र, सोलर लाइट से किसानों को लाभ और स्वदेशी अपनाने मुद्दों पर बात की। इतना ही नहीं उन्होंने त्योहारों के मौसम में स्वदेशी अपनाने पर भी जोर दिया।

 

प्राकृतिक आपदाएं देश की परीक्षा ले रही हैं: पीएम मोदी

सबसे पहले मॉनसून के मौसम में देश के विभिन्न राज्यों में आ रही प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने बचाव कर्मियों द्वारा चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा,”इस मॉनसून के मौसम में, प्राकृतिक आपदाएं देश की परीक्षा ले रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही देखी है। घर तबाह हो गए, खते खराब हो गए। कई परिवार बर्बाद हो गए। पानी के निरंतर प्रवाह ने पुलों को बहा दिया है। हर भारतीय इन घटनाओं से दुखी है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनका दर्द हम समझ सकते हैं।”

 

जम्मू-कश्मीर की खास उपलब्धियां

पीएम मोदी ने बाढ़ और बारिश के कारण हुई तबाही के बीच पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में हुए खेल कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने दो विशेष उपलब्धियां हासिल की हैं। बहुत से लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन आपको इन्हें जानकर खुशी होगी। पुलवामा के एक स्टेडियम में हजारों लोग इकट्ठे हुए। यहां पर पहला डे-नाइट मैच खेला गया। इसके अलावा वॉटर स्पोर्ट्स का आयोजन डल लेक में हुआ। पहले यह सब असंभव लगता था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है।

 

UPSC में असफल लोगों के लिए प्रतिभा सेतू का जिक्र

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिभा सेतू प्लेटफार्म का भी जिक्र किया। इसके तहत उन्होंने कहा, “यूपीएसी की परीक्षा में कई लोग सफल होते हैं लेकिन इसकी सच्चाई यह भी है कि हजारों युवा इसमें मामूली अंतर से चूक जाते हैं। इसलिए ऐसे होनहारों के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया गया है। इसमें उन लोगों का नाम रखा गया है, जिन्होंने यूपीएसी की किसी न किसी परीक्षा के सभी चरणों को पास किया लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाए। अभी तक इस प्लेटफार्म पर हजारों युवाओं का नाम है। यहां से इन लोगों को प्राइवेट कंपनियां अपने यहां नौकरी दे सकती है। इसका परिणाम भी सामने आना शुरू हो गया है। कई लोगों को इसके जरिए नौकरी मिली है।”

 

पॉडकॉस्ट से शहडोल का जर्मनी कनेक्शन

पीएम मोदी ने कहा,”मैंने एक पॉडकॉस्ट में शहडोल के फुटबॉल क्रेज और वहां के खिलाड़ियों का जिक्र किया था। यह बात जर्मनी के फुटबॉल खिलाड़ी और कोच डिडमार्क डॉर्फन ने भी सुनी। शहडोल के खिलाड़ियों के जीवन ने उन्हें प्रेरित किया है। इसके बाद उन्होंने पत्र लिखकर भारत सरकार के साथ इन खिलाड़ियों की मदद करने की पेशकश की। इतना ही नहीं मध्यप्रदेश सरकार ने उनसे संपर्क किया है। आने वाले कुछ दिनों में शहडोल के कुछ खिलाड़ी कोचिंग के लिए जर्मनी जाएंगे।”