आसमान से बरस रही आफत, 24 घंटे में 6 और लोगों की मौत; ट्रेनों से लेकर विमानों की थमी रफ्तार

 आसमान से बरस रही आफत, 24 घंटे में 6 और लोगों की मौत; ट्रेनों से लेकर विमानों की थमी रफ्तार

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार चौधरी

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मुंबई में भारी बारिश के कारण इंडिगो एअरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है जिसमें उड़ानों में रुकावट की आशंका जताई गई है। महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ से 6 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लापता हैं बचाव कार्य जारी है। मुंबई मोनोरेल में खराबी आने से फंसे 582 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।

 

 

मुंबई। मुंबई में भारी बारिश लोगों पर आफत बनकर बरसी है। इस बीच इंडिगो एअरलाइंस ने एक खास ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने कहा है कि बारिश की वजह से हवाई यातायात में रुकावट और उड़ानों पर असर पड़ने का खतरा है।

 

कंपनी चाहती है कि आपकी यात्रा बेफिक्र हो, लेकिन प्रकृति के अपने फैसले हैं। इंडिगो ने एडवायजरी में कहा है कि अपने फ्लाइट शेड्यूल की पहले से जांच करें और रास्ते में पानी जमा होने और ट्रैफिक की दिक्कत को ध्यान में रखें। अपने पास थोड़ा वक्त ज्यादा रखें, सावधानी बरतें और अपने रजिस्टर्ड कॉन्टैक्ट डिटेल्स अप-टू-डेट रखें ताकि कोई बदलाव की खबर आपको मिल जाए।

 

 

 

18 एनडीआरएफ टीमें और 6 एसडीआरएफ टीमें तैनात

महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बारिश और बाढ़ से 6 लोगों की जान जा चुकी है। नांदेड जिले में 5 लोग लापता हैं, जहां बाढ़ जैसे हालात हैं। 18 एनडीआरएफ टीमें और 6 एसडीआरएफ टीमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तैनात हैं।

एसडीआरएफ ने नांदेड के मुखेड तालुका से 293 लोगों को रेस्क्यू किया है। बीते 24 घंटों में बीड में 1, मुम्बई में 1 मौत और 3 घायल, वहीं नांदेड में 4 की मौत और 5 लापता हैं।

 

 

 

मुंबई मोनोरेल हादसा में 582 यात्री रेस्क्यू, 23 को सांस की दिक्कत

वहीं दूसरी ओर भारी बारिश के बीच मुम्बई मोनोरेल में फंसे 582 यात्रियों को रेस्क्यू कर लिया गया है। इनमें से 23 यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिनका 108 एम्बुलेंस के डॉक्टर ने मौके पर इलाज किया और उन्हें जाने दिया। 2 मरीजों को सायन हॉस्पिटल भेजा गया।

बीएमसी के मुताबिक, 20 साल के किस्मत कुमार और 28 साल के विवेक सोनवणे का ओपीडी में इलाज हुआ। दोनों की हालत अब स्थिर है। बीएमसी की टीम ने हालात पर काबू पाया, लेकिन बारिश का कहर जारी है।

 

 

 

कैसे हुआ मोनोरेल हादसा?

मंगलवार शाम मैसूर कॉलोनी के पास भक्ति पार्क और चेंबूर स्टेशनों के बीच एक मुंबई मोनोरेल ट्रेन में खराबी आ गई थी। इस वजह से सैकड़ों यात्री फंस गए। ट्रेन में निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण यह खराबी आई।

 

इसके बाद अग्निशमन कर्मियों ने यात्रियों को बचाने के लिए स्नोर्कल वाहनों का इस्तेमाल किया, जबकि उन्हें पास के रेलवे स्टेशनों तक पहुंचाने के लिए बेस्ट बसों का इस्तेमाल किया गया। बचाव अभियान पूरा होने में साढ़े तीन घंटे से ज़्यादा का समय लगा, जिसमें 582 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

 

यात्रियों ने इस घटना को भयावह बताया, कुछ लोगों को एअर कंडीशनिंग और बिजली की कमी के कारण घुटन और सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ा।

 

बचाए गए एक यात्री सागर शिंदे ने कहा, “बाहर बारिश हो रही थी और अंधेरा तेज़ी से बढ़ रहा था। साथ ही, एअर-कंडीशनिंग बंद हो गई थी और हमारा दम घुट रहा था। सबसे बुरी बात यह थी कि ट्रेन खतरनाक तरीके से झुक गई थी और हम दुआ कर रहे थे कि हम जिंदा बच जाएं।”

 

सीएम फडणवीस ने जांच के दिए आदेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और आश्वासन दिया है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

 

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने इस खराबी का कारण अत्यधिक भीड़ बताया है और कहा है कि यात्रियों की अधिक संख्या के कारण ट्रेन का वजन उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक था।