रेलवे अधिकारी पिता पुत्र जबलपुर के दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग।
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

सीढ़ी लगाकर चढ़ें, खिड़की से झांका तो पैर नजर आया।
जबलपुर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र निवासी रेल कर्मी पिता व भाई की हत्या होने का वाइस मैसेज करने वाली बेटी वारदात के बाद चार घंटे तक रेलवे की मिलेनियम कालोनी में ही थी। इसका पता पुलिस को आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की शुक्रवार की फुटेज की जांच से चला है। सीसीटीवी फुटेज में मृतक की नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोपित उनका पड़ोसी मुकुल सिंह सुबह मिलेनियम रेलवे कालोनी में दिख रहा है।
राजकुमार विश्वकर्मा के घर के आसपास देखा गया
मुकुल सिंह को कालोनी में फ्लैट 364-3 में रहने वाले मृतक राजकुमार विश्वकर्मा के घर के आसपास देखा गया। उसके बाद दोपहर लगभग 12:30 बजे मृतक की बेटी, पड़ोसी मुकुल सिंह के साथ लाल रंग के दोपहिया वाहन से कालोनी से बाहर जाती दिख रही है। जबकि रेल कर्मी राजकुमार और उसके बेटे तनिष्क की हत्या सुबह 7:30 बजे के आसपास होने का अनुमान है। इसे प्रारंभिक छानबीन में अहम तथ्य माना जा रहा है। दोहरे हत्याकांड में संदेह की सुई नजदीकी लोगों की ओर ही घूमती दिख रही है।
क्राइम टाइमलाइन…
सुबह 5.34 बजे जमानत पर आया पड़ोसी मुकुल सिंह मृतक के घर के बाहर दिखा।
सुबह 6.45 बजे के लगभग तनिष्क कालोनी में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था।
सुबह 7.30 बजे के लगभग राजकुमार के घर से बेटी के जोर से चिल्लाने की आवाज आयी।
तुरंत पड़ोसी और चौकीदार बाहर निकले। कोई और आवाज नहीं आयी। सभी लौट आए।
सुबह 8.30 बजे मृतक की बेटी ने स्वजन और रेल कर्मियों के मोबाइल पर वाइस मैसेज किया।
वाइस मैसेज में लिखा है- मुकुल आया था, पापा और भैया को मार दिया है।
दोपहर 12 बजे के लगभग मैसेज पढ़ने के बाद पड़ोसी सक्रिय हुए। पुलिस को सूचित किया।
दोपहर 12:30 बजे पहले मुकुल माेपेड से कालोनी से बाहर निकला, उसके पीछे-पीछे मृतक की बेटी पैदल बाहर निकली।
लगभग दो घंटे की कसरत के बाद पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में गई। दो शव मिले।
वारदात को अंजाम देने वाले शातिर
पुलिस को मृतक के घर की जांच में कहीं पर भी खून फैला नहीं मिला। जबकि रेल कर्मी और उसके बेटे के सिर में गंभीर और गहरे चोट का निशान मिला है। हत्यारे इतने शातिर हैं कि खून का रिसाव रोकने के लिए दोनों मृतक के सिर में चोट वाली जगह पर मोटे कपड़े बांध दिये थे। शव को पालीथिन में बंद करके रखा था।
आक्सीजन सिलेंडर पर मिले खून के छींटे
पुलिस ने जब बारीकी से मृतक के घर को खंगाला तो कमरे में एक आक्सीजन सिलेंडर मिला। इस सिलेंडर में खून के छींटे मिले हैं। मृतकों के सिर में गंभीर चोट किसी भारी वस्तु से प्रहार की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस को मौके से कोई धारदार हथियार बरामद नहीं हुआ है। इस कारण आशंका व्यक्त की जा रही है कि प्रहार में आक्सीजन सिलेंडर का उपयोग किया जा सकता है।
सीढ़ी लगाकर चढ़ें, खिड़की से झांका तो पैर नजर आया
पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि राजकुमार के घर से सुबह 7.30 बजे बेटी के पापा…कहकर तेज पुकार पड़ोसियों और कालोनी के चौकीदार ने सुनी थी। लेकिन जब तक वे पहुंचे आवाज आना बंद हो गई। दरवाजा अंदर से बंद था तो सभी लौट गए। बेटी का वाइस मैसेज पढ़ने के बाद पड़ोसी राजकुमार के घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खुला तो पड़ाेसी बाहर से सीढ़ी लगाकर उनकी खिड़की तक पहुंचे। अंदर झांका तो जमीन पर किसी के पैर नजर आए। आवाज देने पर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो पड़ोसियों ने डायल-100 को सूचित किया। दरवाजा अंदर से बंद था। इसलिए उसे काटना पड़ा।
सीसीटीवी फुटेज


रेलवे की सबसे सुरक्षित कालोनी
जिस मिलेनियम कालोनी में वारदात हुई है यह रेलवे की सबसे सुरक्षित कालोनी मानी जाती है। कालोनी में अलग-अलग ब्लाक में रेलवे के अलग-अलग विभाग के कर्मचारी रहते हैं। वारदात को लेकर कालोनिवासियों ने आक्रोश व्यक्त किया है। कालोनी के कुछ लोगों ने बताया कि हत्या में संदिग्ध की गतिविधि को लेकर कई बार आपत्ति व्यक्त की गई थी। उनके अभिभावकों को भी समझाइश दी गई थी। लेकिन अभिभावकों की छूट से युवक की कालोनी में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई थीं। परिवार को कालोनी से बाहर करने की भी चर्चा चली थी।
2023 में हुई थी पत्नी की मौत
मूलत: पिपरिया निवासी राजकुमार विश्वकर्मा की पत्नी की पिछले वर्ष मौत हो चुकी है। राजकुमार स्वजन के साथ मई 2023 में वैष्णोदेवी यात्रा में गई थे। जहां, हृदयघात में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। वर्तमान में राजकुमार अपनी 14 वर्षीय बेटी और आठ वर्षीय बेटे के साथ मिलेनियम कालोनी में रहते थे। बेटा कक्षा तीसरी और बेटी कक्षा दसवीं में पढ़ रहे है।
चाइल्ड केयर लीव पर थे राजकुमार
पत्नी की मौत के बाद बच्चों की देखभाल का जिम्मा राजकुमार पर आ गया था। उनके बेटे तनिष्क की अभी परीक्षा चल रही थी। शनिवार को उसका पेपर था। बेटा-बेटी की पढ़ाई अच्छे से हो, इसलिए राजकुमार लगभग एक महीने से चाइल्ड केयर लीव पर थे।
शव देखते ही फफक कर रो पड़ी बहन
राजकुमार और उसके बेटे की मौत की सूचना पिपरिया में रहने वाले स्वजनों तक दोपहर में पहुंची। उन्होंने गढ़ा में रहने वाले उनके रिश्ते के भाई मनीष विश्वकर्मा को सूचना दी। मनीष, पत्नी और बहन के साथ तुरंत घटनास्थल पहुंचे। जांच में जुटी पुलिस ने सभी को घर के बाहर ही रोक दिया। शाम तक पिपरिया से मृतक के छोटे भाई बाबूलाल भी जबलपुर पहुंच गए। उसके बाद पुलिस ने शव को घर से निकालकर अस्पताल भिजवाया। शव जैसे ही बाहर आया, मृत भाई और भतीजे के शव को देखकर उनके भाई व बहन राे पड़े। उनके अश्रु नहीं रुक रहे थे।
बेटे सहित रेलवे कर्मी की हत्या के प्रकरण में पुलिस भौतिक व तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर रही है। पिता-पुत्र के शव घर के भीतर मिले। मृत रेलवे कर्मी की बेटी व कालोनी में रहने वाले एक युवक को दो पहिया वाहन से साथ जाते हुए देखा गया है। जिसके सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुए हैं। इसी युवक के खिलाफ मृतक की बेटी (जो लापता है) की शिकायत पर विगत वर्ष एफआइआर दर्ज की गई थी। कुछ संदेहियों से पूछताछ की जा रही है। हत्याकांड का खुलासा जल्द कर लिया जाएगा।
आदित्य प्रताप सिंह, एसपी








