स्लीपर बसों में सफर होगा सुरक्षित: सरकार ने लागू किए सख्त नए नियम, उल्लंघन पर लगेगा भारी जुर्माना और रद्द होगा परमिट
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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स्लीपर बसों में सफर होगा सुरक्षित: सरकार ने लागू किए सख्त नए नियम, उल्लंघन पर लगेगा भारी जुर्माना और रद्द होगा परमिट
नई दिल्ली | देश भर में स्लीपर बसों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब स्लीपर बसों की फिटनेस और यात्री सुरक्षा के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्लीपर बसों के लिए कई सुरक्षा नियम बनाए हैं। इन नियमों का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।
मुख्य सुरक्षा नियम और दिशा-निर्देश:
आपातकालीन निकास: सभी स्लीपर बसों में पर्याप्त संख्या में आपातकालीन द्वार होने चाहिए जो आसानी से खुल सकें। यह सुनिश्चित करता है कि आपातकालीन स्थिति में यात्री शीघ्रता से बाहर निकल सकें।
अग्नि सुरक्षा: बसों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशामक यंत्र और आग का पता लगाने वाली प्रणाली (फायर डिटेक्शन सिस्टम) जैसे आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने चाहिए।
बॉडी बिल्डिंग मानक: बसों की बॉडी का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों (जैसे AIS 119) के अनुसार होना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि बस मजबूत और सुरक्षित हो।
ड्राइवर के लिए नियम: लंबी दूरी की यात्राओं के लिए ड्राइवरों के आराम और सतर्कता सुनिश्चित करने के लिए नियम हैं, जिसमें दो ड्राइवरों का प्रावधान या ड्राइवर की थकान की निगरानी करने वाले सिस्टम शामिल हो सकते हैं।
ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध: बसों में यात्रियों या सामान की ओवरलोडिंग पर सख्त प्रतिबंध है। ओवरलोडिंग से बस का संतुलन बिगड़ सकता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
सरकार इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच और कार्रवाई करती है। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाया जा सकता है और उनके परमिट रद्द किए जा सकते हैं। यात्रियों को भी अपनी यात्रा से पहले बस की सुरक्षा सुविधाओं और परमिट की जांच करने की सलाह दी जाती है।










