मध्य रात्रि आंधी की दस्तक कई पेड़ हुए धराशाई, आवागमन प्रभावित, विद्युत आपूर्ति बंद
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में पड़ रही तेज गर्मी के बीच पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव शुरू हो गया है। शनिवार सुबह आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवा के बीच हल्की बूंदाबांदी होने लगी। हालांकि कुछ देर बाद मौसम साफ हो गया और तेज धूप निकल गई।

मौसम में हुए बदलाव के कारण बिलासपुर का तापमान अधिकतम 38 डिग्री रहा फिर शाम को बादल छा गए हल्की बूंदाबांदी भी हुई। हल्के बदल आज भी नजर आ रहे। बिलासपुर जिले के कुछ स्थानों में
शनिवार रात
सुबह से दोपहर तक मौसम में भारी गर्मी रही शाम को बादल आए और मध्य रात आंधी की दस्तक, आंधी तूफान के साथ हल्की बारिश ने कोहराम मचा दिया। शनिवार रात मौसम के बदलाव से बिलासपुर रेलवे क्षेत्र में में कई पेड़ धराशायी हो गए। वहीं रेलवे की ओर आने वाले दो रोड़ में तीनी बड़े पेड़ गिरे हुए। बिजली के खंभे भी टूट कर गिर गए हैं। विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। आवागम प्रभावित हो रहा है। बिलासपुर के कई स्थानों आंधी कई स्थानों पेड़ गिरेने की सुचना मिली है।


जिले के कुछ स्थानों पर इस दौरान हल्की वर्षा दर्ज की गई। रविवार को भी इसी तरह का मौसम रहने और तापमान में और वृद्धि की संभावना नहीं है। बता दें कि मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बिलासपुर संभाग में 30 व 31 मार्च को मौसम बिगड़ने की संभावना जताई थी। पूर्वानुमान में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा एवं कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई थी। हालांकि अभी तक कहीं भी ओलावृष्टि नहीं होने से किसानों को राहत है। पिछले एक पखवाड़े से लगातार विक्षोभ की सक्रियता बनी हुई है।

शनिवार से अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञज्ञनी एएम भट्ट ने बताया कि विक्षोभ का प्रभाव सूरजपुर, बलरामपुर, एवं कोरिया जिले में भी बना हुआ है। रविवार तक इसके प्रभाव से बिलासपुर जिले में गरज-चमक के साथ वर्षा एवं ओलावृष्टि की संभावना है।
विक्षोभ का असर कम होते ही बढ़ेगी तेज गर्मी
मौसम विज्ञानियों ने इस वर्ष भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई है। इसका असर मार्च के अंतिम दिनों में दिखने लगा था। बिलासपुर में पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि बीच बीच में विक्षोभ के प्रभाव से गर्मी से कुछ राहत मिली। मौसम विज्ञानी भट्ट के अनुसार इस सिस्टम के कमजोर पड़ने के बाद एक बार फिर गर्मी में तेजी से वृद्धि होगी।





