बिना मुआवजा दिए बिछाई गई गैस पाइपलाइन, धरने पर बैठे 21 गांव के किसान, बोले- जल्द भुगतान नहीं हुआ तो करेंगे चक्‍ काजाम

 बिना मुआवजा दिए बिछाई गई गैस पाइपलाइन, धरने पर बैठे 21 गांव के किसान, बोले- जल्द भुगतान नहीं हुआ तो करेंगे चक्‍ काजाम

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी 

 

– किसानों को मुआवजा राशि दिए बिना ही बिछाई जा रही पाइपपाइन

– मुआवजा राशि की मांग को लेकर किसानों ने दिया धरना

– किसानों की मांगों और हितों को किया जा रहा नजरअंदाज

 

दुर्ग। गेल (इंडिया) लिमिटेड द्वारा किसानों को मुआवजा राशि दिए बिना ही पाइपपाइन बिछाई जा रही है। प्रभावित किसानों ने मुआवजा राशि दिलाए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को हिंदी भवन के सामने धरना दिया। धरना प्रदर्शन में 21 गांव के किसान शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद संभागायुक्त के नाम पर ज्ञापन सौंपा।

 

 

रवि प्रकाश ताम्रकार के नेतृत्व में ज़िले के 21 गांव के गैस पाइपलाइन विस्तार से प्रभावित किसानों ने हिंदी भवन के सामने धरना दिया। धरना को संबोधित करते हुए किसान नेता संदीप पटेल ने कहा कि गेल (इंडिया) लिमिटेड द्वारा गैस पाइपलाइन के लिए किए जा रहे कार्यों से ज़िले के किसान पिछले एक साल से पीड़ित है।

 

किसानों की मांगों और हितों को किया जा रहा नजरअंदाज

 

जिला प्रशासन द्वारा भी आंदोलनरत किसानों की मांगों और हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है। रवि प्रकाश ताम्रकार ने कहा कि ग्राम टेमरी, रौंता, खर्रा, नवागांव, डोमा और पथरिया में अधिकतर किसान मुआवजे की आस में लोग आठ माह से इंतजार कर रहे है। कुछ किसानों के खाते में राशि डालकर बाकी किसानों को गुमराह किया जा रहा है।

 

कलादास डहरिया ने कहा कि नवागांव में जमीन का डायवर्सन कराये बिना ही निर्माण की अनुमति दे दी गई है। संभागायुक्त को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने कहा कि मुआवजा राशि का जल्द भुगतान नहीं किए जाने पर आगे चक्काजाम करेंगे।

 

किसान संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित धरना प्रदर्शन में राजेंद्र परगनिहा, चंद्रकला तारम, रमाकांत बंजारे, जनपद सदस्य भूपेन्द्र साहू, ढालेश साहू सहित अन्य शामिल हुए। ज्ञापन सौंपने के पहले किसानों ने हिंदी भवन से लेकर पटेल चौक तक रैली निकाली गई।