कागजों पर ‘मक्का’ और खेत में ‘अफीम’: लापरवाही पड़ गई भारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सस्पेंड
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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कागजों पर ‘मक्का’ और खेत में ‘अफीम’: लापरवाही पड़ गई भारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सस्पेंड
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के खुलासे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में गंभीर लापरवाही और फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी (वर्तमान कलेक्टर के संदर्भ में अपडेटेड नाम, हालांकि आपके इनपुट में अभिजीत सिंह उल्लेखित है) ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
डिजिटल सर्वे में फर्जीवाड़ा और सांठगांठ की आशंका
जांच में खुलासा हुआ कि जिस खेत में अवैध अफीम उगाई जा रही थी, उसे कृषि विभाग के रिकॉर्ड में ‘मक्के का प्लाट’ दर्शाया गया था। यह खेत भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के भाई विमल ताम्रकार का है। कलेक्टर ने बताया कि शासन को गुमराह कर फसल प्रदर्शन योजना का अनुचित लाभ लिया गया। नियमों को ताक पर रखकर मक्के के खेत के पास किसी अन्य किसान की फोटो खींचकर रिपोर्ट में अपलोड कर दी गई थी, जबकि हकीकत में वहां अफीम की फसल लहलहा रही थी।
इन अधिकारियों पर भी गिरी गाज
कलेक्टर ने इस मामले में पहले तीन अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था, जिनमें एकता साहू के अलावा फसल सर्वेयर शशिकांत साहू और पटवारी अनिता साहू शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार:
शशिकांत साहू (सर्वेयर): सितंबर 2025 के डिजिटल सर्वे में खसरा नंबर 309 को पड़ती भूमि और 310 को धान बताया, जबकि वहां अफीम थी।
अनिता साहू (पटवारी): बिना मौके पर भौतिक सत्यापन किए ही सर्वे रिपोर्ट को अप्रूवल दे दिया।
सांठगांठ की जांच जारी
प्रशासन को आशंका है कि अधिकारियों और संबंधित रसूखदारों के बीच गहरी सांठगांठ थी, जिसके चलते इतना बड़ा अवैध कारोबार छिपा रहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सरकारी रिकॉर्ड में गलत जानकारी देना और बिना जांच रिपोर्ट पास करना घोर लापरवाही है। फिलहाल कृषि विस्तार अधिकारी को निलंबित कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।





