दुर्ग: जीवित व्यक्तियों को ‘मुत’ बताकर हड़पे ₹1.19 करोड़, NPS धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग: जीवित व्यक्तियों को ‘मुत’ बताकर हड़पे ₹1.19 करोड़, NPS धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश
दुर्ग। छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है। जालसाजों ने जीवित व्यक्तियों को दस्तावेजों में मृत घोषित कर एचडीएफसी लाइफ कंपनी से करीब 1 करोड़ 19 लाख रुपये के फर्जी डेथ क्लेम हासिल कर लिए। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेश कनोजिया को गिरफ्तार कर लिया है।
ऑनलाइन सेवा केंद्र की आड़ में खेल
बोरसी, दुर्ग का निवासी आरोपी राजेश कनोजिया इलाके में एक ऑनलाइन सेवा केंद्र चलाता था। वह NPS निकासी में मदद करने के बहाने ग्राहकों से उनके आधार, पैन और बैंक विवरण ले लेता था। इसके बाद, गिरोह इन जानकारियों का उपयोग कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और जाली केवाईसी दस्तावेज तैयार करता था।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
धोखाधड़ी का पता तब चला जब 16 फरवरी 2026 को एचडीएफसी लाइफ कंपनी लिमिटेड, बोकारो (झारखंड) के प्रबंधक ने शिकायत दर्ज कराई। आंतरिक जांच में सामने आया कि जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम पर बीमा राशि निकाली गई, वे असल में जीवित हैं।
अंदरूनी मिलीभगत की आशंका
पुलिस जांच में कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी, राजेश कुमार ठाकुर की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। आरोप है कि उसने पद का दुरुपयोग करते हुए सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार किया और फर्जी दस्तावेजों को सिस्टम में अपलोड करने में मदद की।
जब्ती और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के पास से 10 हजार रुपये नकद और भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।
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