दुर्ग: सगे भाई की हत्या कर डबरी में फेंकी थी लाश, ढाई साल बाद कोर्ट ने बड़े भाई को सुनाई उम्रकैद
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
****************************
दुर्ग: सगे भाई की हत्या कर डबरी में फेंकी थी लाश, ढाई साल बाद कोर्ट ने बड़े भाई को सुनाई उम्रकैद
भिलाई/दुर्ग: दुर्ग जिले में ढाई साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। छोटे भाई की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी बड़े भाई दीपक राजपूत (30) को सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विवाद के बाद लकड़ी की पटिया से किया था वार
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 17 सितंबर 2023 की रात नेवई थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपी दीपक राजपूत और उसके छोटे भाई सन्नी उर्फ नेपाली राजपूत के बीच अक्सर मामूली बातों पर झगड़ा होता था। घटना की रात विवाद इतना बढ़ा कि दीपक ने लकड़ी की पटिया से सन्नी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
सबूत मिटाने के लिए पत्थर से बांधकर फेंका शव
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की कोशिश की। उसने सन्नी के शव को गमछे और नायलॉन की रस्सी के सहारे भारी पत्थरों से बांधा और स्टेशन रोड मरोदा स्थित एक डबरी (तलाब) में फेंक दिया।
पत्नी को दी थी धमकी, ऐसे खुला राज
जब आरोपी की पत्नी बीना राजपूत काम से लौटी, तो उसे घटना का पता चला। आरोपी ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी, जिसके डर से वह अपने मायके चली गई। बाद में हिम्मत जुटाकर उसने अपनी माँ के साथ नेवई थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
न्यायालय का फैसला
विशेष लोक अभियोजक श्रीमती लक्ष्मी साहू द्वारा पेश किए गए गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने दीपक राजपूत को निम्नलिखित सजाएं सुनाईं:
धारा 302 (हत्या): उम्रकैद और 1,000 रुपये जुर्माना।
धारा 201 (साक्ष्य मिटाना): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना।
न्यायालय ने इस अपराध को जघन्य श्रेणी का मानते हुए आरोपी को सजा वारंट के साथ केन्द्रीय कारागार दुर्ग भेजने का आदेश दिया है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।












