रायगढ़: डायल 112 के चालकों का फूटा गुस्सा, दो महीने से नहीं मिला वेतन; नई कंपनी पर ट्रेनिंग के नाम पर वसूली का आरोप

 रायगढ़: डायल 112 के चालकों का फूटा गुस्सा, दो महीने से नहीं मिला वेतन; नई कंपनी पर ट्रेनिंग के नाम पर वसूली का आरोप

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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रायगढ़: डायल 112 के चालकों का फूटा गुस्सा, दो महीने से नहीं मिला वेतन; नई कंपनी पर ट्रेनिंग के नाम पर वसूली का आरोप

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में आज डायल 112 के वाहन चालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का घेराव किया। चालकों ने एसपी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पिछले दो महीनों से रुके हुए वेतन का भुगतान करने और नई कंपनी द्वारा ट्रेनिंग के नाम पर मांगी जा रही राशि के लिए समय देने की गुहार लगाई है।

8 साल से सेवा दे रहे चालक आर्थिक तंगी के शिकार

प्रदर्शनकारी चालकों का कहना है कि वे पिछले 8 वर्षों से निरंतर डायल 112 की गाड़ियां चलाकर जनता की सेवा कर रहे हैं। चालक राजीव शाह ने बताया कि पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है। इसी बीच, पुरानी कंपनी (एबीपी) का टेंडर खत्म होने के बाद अब नई कंपनी जीवीके (GVK) ने कार्यभार संभाला है।

ट्रेनिंग के नाम पर ₹8090 की मांग

डायल 112 के फील्ड ऑफिसर बबलू गुप्ता और अन्य चालकों ने आरोप लगाया कि नई कंपनी जीवीके द्वारा प्रत्येक चालक से ट्रेनिंग के नाम पर कुल 8090 रुपये जमा करने को कहा जा रहा है। इसमें 590 रुपये ऑनलाइन और 7500 रुपये ट्रेनिंग शुल्क के रूप में मांगे जा रहे हैं। साथ ही सभी चालकों को ट्रेनिंग के लिए बिलासपुर बुलाया जा रहा है।

वेतन मिलने तक समय देने की मांग

चालकों ने स्पष्ट किया कि वे राशि जमा करने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पिछला वेतन न मिलने के कारण वे वर्तमान में यह भारी-भरकम राशि देने में असमर्थ हैं। उन्होंने एसपी से मांग की है कि जब तक उन्हें दो महीने का बकाया वेतन नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें राशि जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का आश्वासन

इस मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी ने कहा, “डायल 112 के चालकों ने अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा है। वेतन न मिलने और नई कंपनी द्वारा मांगी जा रही राशि की समस्या उनके संज्ञान में आई है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन से चर्चा की जाएगी, जिसके बाद उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

फिलहाल, पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद चालक काम पर लौट गए हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे की रणनीति बनाएंगे।