बालोद: धान परिवहन में बड़ी लापरवाही, 5 दिनों से लापता धान भरा ट्रक जंगल में मिला; 250 बोरी धान गायब

 बालोद: धान परिवहन में बड़ी लापरवाही, 5 दिनों से लापता धान भरा ट्रक जंगल में मिला; 250 बोरी धान गायब

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बालोद: धान परिवहन में बड़ी लापरवाही, 5 दिनों से लापता धान भरा ट्रक जंगल में मिला; 250 बोरी धान गायब

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में जिला विपणन विभाग की एक बड़ी लापरवाही और निष्क्रियता का मामला प्रकाश में आया है। गुंडरदेही विकासखंड के कोड़ेवा धान खरीदी केंद्र से 13 जनवरी को 900 बोरा धान लेकर निकला एक ट्रक अपने गंतव्य (मालीघोरी संग्रहण केंद्र) पहुंचने के बजाय लापता हो गया था। शनिवार देर शाम यह ट्रक बालोद-कांकेर जिले की सीमा पर स्थित गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम दमकसा के पास घने जंगल में लावारिस हालत में पाया गया।

केबिन लॉक, चालक फरार और धान चोरी की आशंका

सूचना मिलने पर जब प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे, तो ट्रक का केबिन लॉक था और चालक वहां से नदारद मिला। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रक में लदे कुल 900 बोरों में से लगभग 200 से 250 बोरा धान गायब है। इस घटना ने सरकारी धान की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

GPS सिस्टम के बावजूद सोता रहा विभाग

इस पूरे मामले में जिला विपणन विभाग और ट्रांसपोर्टर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। नियमानुसार सभी धान परिवहन ट्रकों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगा होता है। इसके बावजूद 13 जनवरी से 17 जनवरी तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने यह सुध नहीं ली कि ट्रक गंतव्य तक क्यों नहीं पहुंचा। 5 दिनों तक ट्रक की लोकेशन ट्रैक न करना विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है।

अधिकारियों का पक्ष और आगामी कार्रवाई

जिला खाद्य अधिकारी तुलसी ठाकुर ने बताया कि ट्रक (क्रमांक CG 08 AV 1711) ‘दमन मनदीप ट्रांसपोर्टर’ का है। कोड़ेवा सोसायटी से 13 जनवरी को 900 बोरा सरना धान मालीघोरी के लिए रवाना किया गया था, लेकिन इसका धर्मकांटा (वजन) अब तक नहीं हुआ है।

अधिकारी ने आगे जानकारी दी कि:

रायपुर स्थित I-3 (इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर) से ट्रक की 13 से 17 जनवरी तक की पूरी मूवमेंट रिपोर्ट मांगी गई है।

रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि ट्रक रास्ते में कहां-कहां रुका और धान कहां उतारा गया।

वर्तमान में ट्रक को गुरुर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा किया गया है।

जल्द ही धान की गिनती और वजन कराया जाएगा, जिससे वास्तविक नुकसान का सटीक आंकलन हो सके।

मौके पर उप पंजीयक राजेंद्र राठिया, तहसीलदार हनुमंत श्याम और गुरुर थाना प्रभारी ने स्थिति का जायजा लिया है। प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है।