धमतरी की सजगता से रुका बाल विवाह: 19 साल के नाबालिग दूल्हे की आने वाली थी बारात, टीम ने ऐन वक्त पर रुकवाई शादी

 धमतरी की सजगता से रुका बाल विवाह: 19 साल के नाबालिग दूल्हे की आने वाली थी बारात, टीम ने ऐन वक्त पर रुकवाई शादी

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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धमतरी की सजगता से रुका बाल विवाह: 19 साल के नाबालिग दूल्हे की आने वाली थी बारात, टीम ने ऐन वक्त पर रुकवाई शादी

धमतरी/कुरूद:प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में धमतरी जिले ने एक और सराहनीय उदाहरण पेश किया है। जिले के कुरूद ब्लॉक के एक गांव में होने जा रहे एक बाल विवाह को प्रशासन की टीम ने समय रहते रुकवा दिया। जानकारी के अनुसार, यहाँ की एक बालिग युवती का विवाह बालोद जिले के एक युवक से तय हुआ था, जिसकी बारात 13 जनवरी को आने वाली थी।

दस्तावेजों में नाबालिग निकला दूल्हा

12 जनवरी की रात धमतरी की विशेष टीम को सूचना मिली कि होने वाला दूल्हा नाबालिग है। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हुई और अगले दिन सुबह लड़का एवं लड़की पक्ष के परिजनों से मुलाकात की। जब युवक के आधार कार्ड और अंकसूची (मार्कशीट) जैसे दस्तावेजों की जांच की गई, तो उसकी उम्र 19 साल 6 माह पाई गई। कानूनन विवाह के लिए युवक की आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है।

परिजनों को दी गई कानूनी जानकारी

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए टीम ने दोनों पक्षों को समझाया कि कम उम्र में विवाह करना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह युवक-युवती के भविष्य के लिए भी उचित नहीं है। प्रशासन की समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और लड़के के बालिग होने (21 वर्ष पूर्ण होने) के बाद ही विवाह संपन्न कराने का लिखित निर्णय लिया।

मुहिम का दिख रहा असर

धमतरी जिले की कई पंचायतें पहले ही स्वयं को बाल विवाह मुक्त घोषित कर चुकी हैं। इस ताजा मामले में भी टीम ने लड़की के गांव जाकर ग्रामीणों और परिजनों को जागरूक किया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है, जिससे ‘बाल विवाह मुक्त प्रदेश’ के संकल्प को मजबूती मिली है।