जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया हुई सरल, ‘तुंहर टोकन’ एप से 24 घंटे मिल रहे टोकन; अब तक 66 हजार से अधिक किसान लाभान्वित
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया हुई सरल, ‘तुंहर टोकन’ एप से 24 घंटे मिल रहे टोकन; अब तक 66 हजार से अधिक किसान लाभान्वित
दुर्ग:छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की पारदर्शी और किसान हितैषी नीतियों के चलते दुर्ग जिले में धान खरीदी और उसके उठाव के कार्य में काफी तेजी आई है। सरकार द्वारा उठाए गए निर्णायक कदमों से धान विक्रय की प्रक्रिया अब और भी सुगम हो गई है।
‘तुंहर टोकन’ एप से मिली बड़ी राहत
किसानों की सुविधा के लिए अब ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप को 24 घंटे के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। अब किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें किसी निर्धारित समय की बाध्यता से मुक्ति मिल गई है।
अब तक की खरीदी के आंकड़े
जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार:
अब तक कुल 3,59,944.16 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल लागत 85,328.60 लाख रुपये है।
त्वरित भुगतान व्यवस्था से 66,264 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं।
धान के उठाव के लिए 1,78,338.00 मीट्रिक टन का डीओ (DO) जारी किया गया है, जिसमें से 1,20,111.55 मीट्रिक टन धान का उठाव केंद्रों से हो चुका है।
बिचौलियों पर लगाम और रकबा समर्पण
सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव यह पड़ा है कि किसान स्वयं बिचौलियों को रोकने के लिए आगे आ रहे हैं। धान बेचने के बाद अब तक 36,786 किसानों ने स्वेच्छा से 862.88 हेक्टेयर रकबे का समर्पण किया है, जिससे अवैध धान खपाने की गुंजाइश खत्म हो गई है।
केंद्रों पर चाक-चौबंद व्यवस्था
जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में केंद्रों पर 28,77,554 बारदाने उपलब्ध हैं, जिससे खरीदी कार्य में कोई बाधा नहीं आ रही है। समय पर भुगतान और बेहतर प्रबंधन से जिले के किसानों में उत्साह का माहौल है।









