कवर्धा जिले में बीजली गिरने से दो महिला और एक नाबालिक की मौत
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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कबीरधाम जिले में आकाशीय बिजली की चपेच में आने के कारण 3 लोगों की मौत हो गई है, वहीं एक युवती झुलस गई है। जिसका इलाज चल रहा है। जंगल में भाजी तोड़ने गईं दो महिलाओं पर गाज गिरने से वे मौके पर ही झलस गई। वहीं खेत से लौट रही दो किशोरी भी बिजली की गई, जिसमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई।
कवर्धा : जिले में आसमान से बरसी बिजली ने फिर एक बार गरीब ग्रामीण परिवारों को उजाड़ दिया। मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों पर हुई घटनाओं में तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई और एक किशोरी गंभीर रूप से झुलस गई हैं।
जानकारी के अनुसार, एक तरफ भाजी तोड़ने गईं दो महिलाओं की जंगल के सन्नाटे में झुलसकर मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर खेत से रोपा लगाकर लौट रही दो किशोरियां बिजली की चपेट में आ गईं। इसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई, दूसरी को बचाने की बजाय ग्रामीणों ने कोदो में दबा दिया था।
खेत से लौट रहीं किशोरियों पर टूटा कहर
पुलिस के अनुसार बोड़ला क्षेत्र के मुंडघुसरी जंगल स्थित चटवाटोला की दो किशोरियां रामयति उर्फ रामप्यारी (17) और प्रसदिया बाई (17) खेत में रोपा लगाकर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और आकाशीय बिजली गिरी। इसमें रामयति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रसदिया बाई गंभीर रूप से झुलस गई। स्थानीय ग्रामीणो से मिली जानकारीनुसार ये दोनो किशोरी बैगा समुदाय से हैं।
किशोरी को कोदो में दबाया
इनमें से एक घायल किशोरी को तत्काल अस्पताल ले जाने की बजाय पहले कोदो अनाज के ढेर में दबा दिया गया। यह ग्रामीण मान्यता है कि इससे झुलसे हुए शरीर को ठंडक मिलती है। इसके बाद उसे बोड़ला स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जंगल में भाजी तोड़ने गईं महिलाएं नहीं लौटीं घर
जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र के बाहपानी गांव की दो बैगा महिलाएं तिहरीबाई पति ज्ञान सिंह बैगा (40) ग्राम भल्लीनदादर और रामबाई पति भगत सिंह बैगा (34) ग्राम भल्लीनदादर मंगलवार शाम जंगल में चरोटा भाजी तोड़ने खम्हार टिकरा पहाड़ी गई थीं। देर रात तक घर न लौटने पर स्वजन ने खोजबीन शुरू की। बुधवार सुबह गांव के पास जंगल में दोनों का शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जिनका अंतिम संस्कार देर शाम किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार दोनों महिलाएं एक ही परिवार से थीं और झाड़ियों में भाजी तोड़ रही थीं, तभी तेज बारिश और गरज के साथ आकाशीय बिजली सीधे उनके ऊपर गिरी। बिजली का प्रभाव इतना तीव्र था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।
हर साल होती है आकाशीय बिजली से मौत
कबीरधाम जिले में हर वर्ष आकाशीय बिजली से 10 से अधिक मौतें होती हैं, पर कोई प्रभावी जनजागरूकता कार्यक्रम नहीं चलाया जाता। ग्रामीण आज भी बिजली गिरने पर विज्ञानी उपायों की जगह किवदंतियों पर विश्वास करते हैं। न तो मोबाइल पर सतर्कता संदेश आते हैं, न ही गांवों में आपदा प्रबंधन की कोई व्यवस्था दिखाई देती है।






