बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़।दो नक्सली ढेर, एक जवान शहीद

 बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़।दो नक्सली ढेर, एक जवान शहीद

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

मुठभेड़ में नक्सलियों को बड़ा नुकसान पहुंचा, सर्चिंग ऑपरेशन जारी।

संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया अभियान, नक्सलियों को जंगल में घेरा।

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर थाना गंगालूर क्षेत्र में गुरुवार सुबह मुठभेड़ में दो नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है। एक जवान बलिदान भी हुए हैं। संयुक्त टीम ने इलाके में ऑपरेशन शुरू किया था।

 

इस दौरान गुरुवार सुबह करीब सात बजे से दोनों ओर से लगातार फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया है।

 

इस अभियान में बीजापुर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान बलिदान हो गया। फिलहाल क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा बल पूरे इलाके में निगरानी रखे हुए हैं।

 

कभी नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ था यह इलाका

जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ स्थल पर सर्चिंग अभियान जारी है। बीजापुर से संयुक्त पुलिस जवानों का दल नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर अंडरी के पहाड़ में घुसा था। जहां जवानों को देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में जवानों द्वारा फायरिंग की गई। गंगालूर थाना क्षेत्र का यह इलाका दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला पहाड़ी से लगा हुआ है। यह नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

 

कैंप खुलने से सिमटा नक्सलियों का क्षेत्र

पीडिया में कैंप खुलने के बाद से नक्सलियों का यह इलाका भी अब सिमट गया है। पीडिया कैंप के आसपास मिरगान घोटुल, डोडी तुमनार, इडेनार, गमपुर, तामोडी, अंडरी, कुएम जैसे गांव हैं, जो वर्षों से नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माने जाते रहे हैं।

 

इधर आईडीडी धमाके में दो घायल

अबूझमाड़ में ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। इसमें डीएसपी समेत एक जवान घायल हो गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चोट गंभीर नहीं है, उनको बेहतर उपचार के लिए तुरंत ऑपरेशन एरिया से बाहर निकाला गया है।