समिति के धान में शॉर्टेज, मिलर्स मांग रहे अतिरिक्त धान
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी
राईस मिलर और समिति प्रबंधकों की मीटिंग में उठी बात, कई राईस मिलर्स ले रहे हैैं धान
रायगढ़, 1ल। समितियों में धान खरीदी के बाद अब उठाव में एक अलग तरह का टकराव शुरू हो गया है। समितियों से उठाए गए धान का वजन कम मिल रहा है। कुछ ट्रक संग्रहण केंद्र से लौटाए जा रहे हैं तो राइस मिलर शॉर्टेज धान मांग रहे हैं। प्रबंधक इसमें फंस गए हैं। धान खरीदी में प्रत्येक बोरे में 40 किलो से अधिक धान तौलकर खरीदा गया, ताकि सूखत से नुकसान न हो।

जिन केंद्रों में गड़बड़ी हुई, वहां बोरे से धान निकालकर दूसरे बोरे में डाल दिया गया। मतलब किसी बोरे में 41 किलो धान तौला गया तो बाद में एक किलो धान निकालकर दूसरे बोरे में डाला गया। 40 बोरे से एक-एक किलो निकालने पर एक नया बोरा धान बन गया जो बोगस खरीदी में खपाया गया

अब उठाव में परेशानी हो रही है। समिति से बोरा संख्या के हिसाब से वजन आकलित कर उठा होता है। मतलब 100 बोरे धान का वजन 40 क्विंटल माना जाता है। राइस मिल में एंट्री के पहले धर्मकांटा में वजन किया जाता है। तब धान के वजन में कमी आ रही है। किसी गाड़ी में दो क्विंटल तो किसी में तीन क्विंटल तक शॉर्टेज आ रहा है। इसकी भरपाई के लिए राइस मिल संचालक और समिति प्रबंधकों के बीच टकराव हो रहा है। प्रबंधकों को अतिरिक्त धान देना पड़ रहा है। इसकी एक वजह ज्यादा नमीयुक्त धान की खरीदी करना भी है।

संग्रहण केंद्र में होगा शासन को नुकसान
मार्कफेड ने संग्रहण केंद्रों में भी धान का भंडारण कर लिया है। समितियों से धान लोड होकर संग्रहण केंद्र पहुंच रहा है। यहां भी वजन में कमी आ रही है। लेकिन संग्रहण केंद्र में शॉर्टेज आने पर सरकार खुद उसकी जिम्मेदारी लेती है इसलिए यहां अंडरवेट गाडिय़ां बड़े आराम से अंदर ली जा रही हैं। कुछ गाडिय़ों को वापस लौटाने की जानकारी भी सामने आ रही है।






