पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, रोंगटे खड़े कर देने वाला है तबाही का मंजर, आज पहुंचेंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद राख हुए मलबे के ढेर को हटाने का कार्य करते हुए पुलिस बल।
हरदा की फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद करीब पौन घंटे तक रह-रह कर धमाके होते रहे।धमाके इतने जोरदार थे कि वहां मौजूद लोहे के उपकरण और कंक्रीट करीब दो सौ मीटर की परिधि में उछले।कई घायलों को इंदौर, भोपाल के अलावा आसपास के जिलों के अस्पतालों में ले जाकर भर्ती कराया गया है।
मध्य प्रदेश ।।हरदा जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर बैरागढ़ गांव स्थित पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। करीब पौन घंटे तक रह-रह कर धमाके होते रहे। धमाके इतने जोरदार थे कि वहां मौजूद लोहे के उपकरण और कंक्रीट करीब दो सौ मीटर की परिधि में उछले। इससे भी तमाम लोग घायल हो गए। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 172 लोग घायल हुए हैं। जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों को इंदौर, भोपाल के अलावा आसपास के जिलों के अस्पतालों में ले जाकर भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। मुख्यमंत्री आज स्वयं हरदा पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे।
वाराणसी से एनडीआरएफ की टीम पहुंची
पटाखा फैक्ट्री की साइट पर वाराणसी स्थित हेडक्वार्टर से एनडीआरएफ का 35 सदस्यीय टीम बुधवार सुबह पहुंची। फैक्ट्री में जहां तलघर में बारूद और कर्मचारी मौजूद थे, वहां मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। साइट पर बचाव कर्मियों के साथ पोकलेन मशीनों के अलावा एंबुलेंस भी मौजूद हैं, ताकि अगर कोई मलबे में दबा व्यक्ति मिले, तो उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया जा सके।
पटाखा फैक्ट्री से सटे खेत में उगी फसल तबाह
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से आसपास के इलाके भी प्रभावित हुए। धमाकों की गूंज दूर तक सुनाई दी, वहीं लोगों को कंपन भी महसूस हुआ। आसपास के मकानों को भी क्षति पहुंची। इसके साथ ही पटाखा फैक्ट्री से सटे खेतों में उगी फसल भी तबाह हो गई।
पटाखा फैक्ट्री मलबे में तब्दील, अब भी उठ रहा धुआं
हरदा में मगरधा रोड पर स्थित बैरागढ़ गांव की पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह करीब सवा ग्यारह बजे पहला विस्फोट हुआ था, जिसके बाद भीषण आग लग गई। इस भीषण हादसे में पटाखा फैक्ट्री पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। दूसरे दिन सुबह तक यहां बचाव कार्य जारी है। पोकलेन मशीनों के जरिए मलबे को हटाया जा रहा है। हालांकि आग बुझ चुकी है, लेकिन अब भी कहीं-कहीं से धुआं उठ रहा है।





