दुर्ग में सड़क सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: अब सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए हेलमेट और सीटबेल्ट अनिवार्य, कलेक्टर ने जारी किए कड़े आदेश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग में सड़क सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: अब सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए हेलमेट और सीटबेल्ट अनिवार्य, कलेक्टर ने जारी किए कड़े आदेश
दुर्ग-भिलाई:दुर्ग जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर लगाम लगाने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशासन ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। कलेक्टर और जिला दण्डाधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी (IAS) ने जिले के सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस नए निर्देश के तहत ड्यूटी पर आते-जाते समय दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीटबेल्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
विभाग प्रमुखों को सौंपी गई जिम्मेदारी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि केवल आदेश जारी करना काफी नहीं है, बल्कि इसका जमीन पर पालन होना जरूरी है। इसके लिए सभी विभाग प्रमुखों (HODs) को सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके अधीन काम करने वाला हर कर्मचारी इन नियमों का कड़ाई से पालन करे। नियमों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज
प्रशासन का मानना है कि सरकारी कर्मचारी समाज के लिए एक उदाहरण होते हैं। यदि वे स्वयं नियमों का पालन करेंगे, तो आम जनता में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। आदेश में यह भी संकेत दिया गया है कि चेकिंग के दौरान यदि कोई भी शासकीय सेवक बिना हेलमेट या सीटबेल्ट के पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ विभागीय स्तर पर भी संज्ञान लिया जाएगा।
पुलिस की मुस्तैदी और जागरूकता की कमी
वर्तमान में दुर्ग-भिलाई के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस सुबह-शाम चालान काटने की कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन इसके बावजूद शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग बिना सुरक्षा उपकरणों के वाहन चलाते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का ध्यान केवल चालान काटने पर केंद्रित है, जबकि सुरक्षा के प्रति जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास कम दिखाई दे रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि कलेक्टर के इस कड़े रुख के बाद क्या सरकारी अमला नियमों का पालन करता है और क्या इससे आम जनता की आदतों में कोई बड़ा बदलाव आता है।





