इंदौर में भीषण अग्निकांड: इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग के दौरान धमाका, एक ही परिवार के 7 लोगों की जिंदा जलकर मौत

 इंदौर में भीषण अग्निकांड: इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग के दौरान धमाका, एक ही परिवार के 7 लोगों की जिंदा जलकर मौत

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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इंदौर में भीषण अग्निकांड: इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग के दौरान धमाका, एक ही परिवार के 7 लोगों की जिंदा जलकर मौत

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स रिहायशी इलाके में आज तड़के एक हृदयविदारक घटना घटी। यहाँ एक पॉलीमर व्यवसायी के घर में लगी भीषण आग ने सात लोगों की जान ले ली। इस हादसे में घर के अंदर रखा केमिकल और गैस सिलेंडर फटने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

कैसे शुरू हुई आग?

इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर के बाहर एक इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) चार्ज हो रही थी। चार्जिंग पॉइंट में अचानक हुए धमाके के बाद आग गाड़ी में लगी और देखते ही देखते पूरे घर में फैल गई। घर के मालिक मनोज पुगलिया, जो पॉलीमर का कारोबार करते थे, उनके घर में भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल और 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर रखे थे। केमिकल के कारण आग तेजी से भड़की और सिलेंडरों में हुए धमाकों ने घर को आग के गोले में तब्दील कर दिया।

मृतकों और घायलों का विवरण

इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में शामिल नाम इस प्रकार हैं:

मनोज पुगलिया (मकान मालिक)

सिमरन

विजय सेठिया

सुमन सेठिया

राशि

छोटू सेठिया

(सातवें मृतक की पहचान अभी की जा रही है)

वहीं, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सौरभ, सुनीता और सोनिल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।

पड़ोसियों ने सुनाई आपबीती

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह जब चीख-पुकार मची, तब उनकी नींद खुली। बाहर निकलने पर देखा कि पूरा मकान धू-धू कर जल रहा था। स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन केमिकल और गैस सिलेंडरों के ब्लास्ट के कारण आग पर काबू पाना नामुमकिन था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

इस घटना के बाद पूरे बृजेश्वरी एनेक्स इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है कि क्या रिहायशी इलाके में इतनी भारी मात्रा में केमिकल और सिलेंडर रखना नियमों का उल्लंघन था।