बस स्टैंड का हेल्पर ही निकला बस चोर: रायपुर से चुराई 10 लाख की बस, जांजगीर में दबिश देकर पुलिस ने आरोपी को दबोचा।

 बस स्टैंड का हेल्पर ही निकला बस चोर: रायपुर से चुराई 10 लाख की बस, जांजगीर में दबिश देकर पुलिस ने आरोपी को दबोचा।

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बस स्टैंड का हेल्पर ही निकला बस चोर: रायपुर से चुराई 10 लाख की बस, जांजगीर में दबिश देकर पुलिस ने आरोपी को दबोचा।

 

रायपुर: राजधानी के भाठागांव स्थित न्यू बस स्टैंड से 10 लाख रुपये की बस चोरी करने वाले शातिर चोर को टिकरापारा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मनबोध रात्रे उर्फ टेटू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कोरबा जिले का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बस (CG 07 E 0782) बरामद कर ली है।

सावधानी पड़ी भारी: सीट के नीचे रखी थी चाबी

मिली जानकारी के अनुसार, बस मालिक अब्दुल अलीम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बस भाठागांव बस स्टैंड पर खड़ी थी। बस के चालक ने काम खत्म होने के बाद चाबी को चालक दल की सीट के नीचे छिपाकर रख दिया और घर चला गया। अगली सुबह जब वह लौटा तो स्टैंड से बस नदारद थी। इस बड़ी चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी और तकनीक से खुला राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस स्टैंड और शहर के बाहर निकलने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति खुद बस चलाकर ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने स्मार्ट तरीके से टोल प्लाजा के फास्टैग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का पीछा किया। मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र में छिपा हुआ है।

हेल्पर निकला चोर, ऐसे दिया वारदात को अंजाम

पुलिस टीम ने अकलतरा के एक गांव में घेराबंदी कर आरोपी मनबोध रात्रे को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पहले बस स्टैंड में हेल्पर का काम कर चुका है, इसलिए उसे बसों के संचालन और ड्राइवरों की आदतों (जैसे चाबी कहां रखते हैं) की पूरी जानकारी थी। वारदात के दिन उसने देखा कि बस लावारिस खड़ी है और मौका मिलते ही वह उसे लेकर फरार हो गया।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और बस को जप्त कर लिया गया है। इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि तकनीक और मुस्तैदी से बड़े से बड़े अपराधी को पकड़ा जा सकता है।