दुर्ग पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन स्ट्रीट’: नशे में स्टयरिंग थामने वालों पर भारी पड़ा 70 दिन का अभियान, 626 चालकों पर गिरी गाज
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन स्ट्रीट’: नशे में स्टयरिंग थामने वालों पर भारी पड़ा 70 दिन का अभियान, 626 चालकों पर गिरी गाज
दुर्ग। शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने और बढ़ते हादसों पर लगाम कसने के लिए दुर्ग यातायात पुलिस इन दिनों फुल एक्शन मोड में है। पिछले 70 दिनों के भीतर पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वाले 626 चालकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की है। यह अभियान न केवल शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बल्कि अब आउटर इलाकों में भी पैनी नजर रख रहा है।
ब्रेथ एनालाइजर से हो रही ‘ऑन द स्पॉट’ जांच
यातायात विभाग के अनुसार, हर रोज शाम ढलते ही शहर की मुख्य सड़कों पर विशेष चेकिंग पॉइंट लगाए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें आधुनिक ब्रेथ एनालाइजर मशीन के साथ मुस्तैद हैं। जैसे ही कोई चालक नशे की हालत में पाया जाता है, उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत तत्काल मामला दर्ज किया जा रहा है।
जेब पर पड़ रहा 10 हजार का भारी जुर्माना
पुलिस केवल चालान काटकर ही नहीं रुक रही है, बल्कि नशे में धुत चालकों के वाहनों को मौके पर ही जब्त किया जा रहा है। इन मामलों को सीधे न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहां लापरवाही बरतने वालों पर 10 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा रहा है।
आंकड़ों में कार्रवाई का ग्राफ:
जनवरी: 198 चालकों पर कार्रवाई।
फरवरी: ग्राफ बढ़कर 288 तक पहुंचा।
मार्च (अब तक): 140 से ज्यादा चालान।
कुल योग: पिछले 70 दिनों में 626 केस।
आउटर में भी बढ़ेगी सख्ती
पुलिस विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में शहर के बाहरी इलाकों और संदेहास्पद मार्गों पर अचानक चेकिंग (सरप्राइज चेकिंग) बढ़ा दी जाएगी। पुलिस की इस सख्ती का मकसद साफ है—”नशा और रफ्तार” के घातक गठजोड़ को तोड़कर शहर की सड़कों को आम जनता के लिए सुरक्षित बनाना।





