बीजेपी जॉइन करो या रेड झेलो”: भूपेश बघेल का पीएम मोदी और अमित शाह पर बड़ा दावा

 बीजेपी जॉइन करो या रेड झेलो”: भूपेश बघेल का पीएम मोदी और अमित शाह पर बड़ा दावा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बीजेपी जॉइन करो या रेड झेलो”: भूपेश बघेल का पीएम मोदी और अमित शाह पर बड़ा दावा

रायपुर/नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट ‘Khari Khari’ में बातचीत के दौरान बघेल ने आरोप लगाया कि इस प्रस्ताव को ठुकराने की कीमत उन्हें और उनके परिवार को केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के रूप में चुकानी पड़ी।

मुख्य आरोप और खुलासे:

भाजपा में शामिल होने का ‘अप्रत्यक्ष’ ऑफर: बघेल ने दावा किया कि जब वे मुख्यमंत्री थे और दिल्ली में प्रधानमंत्री या गृहमंत्री से मिलते थे, तो उन्हें मदद का आश्वासन देकर भाजपा के पाले में आने का संकेत दिया जाता था। उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आता था कि भाजपा में बुलाने के लिए ये किस तरह के तरीके अपनाते हैं”।

मुलाकात के बाद छापेमारी: पूर्व मुख्यमंत्री ने एक पैटर्न का आरोप लगाया कि जब भी वे पीएम मोदी या अमित शाह से मिलकर छत्तीसगढ़ लौटते थे, उसके ठीक 8-10 दिन बाद उनके करीबियों या अधिकारियों के यहाँ ED या IT के छापे पड़ जाते थे।

बेटे की गिरफ्तारी पर सवाल: बघेल ने कहा कि उनके बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी भी इसी राजनीतिक दबाव का हिस्सा थी। उन्होंने इसे “राजनीतिक भविष्य खत्म करने और जनता की नजरों में गिराने” की साजिश करार दिया।

एजेंसियों का दुरुपयोग: बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां भाजपा के लिए ‘वॉशिंग मशीन’ की तरह काम कर रही हैं। यदि कोई नेता भाजपा में शामिल हो जाता है, तो उसके मामले ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं, लेकिन इनकार करने पर उत्पीड़न शुरू हो जाता है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया:

बघेल के इन दावों के बाद छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई है। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “भ्रष्टाचार की जांच से ध्यान भटकाने की कोशिश” बताया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जो निर्दोष है उसे डरने की जरूरत नहीं है और एजेंसियां अपना काम साक्ष्यों के आधार पर कर रही हैं।

यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब राज्य में शराब घोटाला और महादेव ऐप जैसे मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियां तेजी से कर रही हैं।