बालोद के भालुकोंनहा में आस्था का केंद्र बना नीम का पेड़, निकल रहा ‘दूध’ जैसा तरल; चमत्कार मान उमड़ी भीड़
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बालोद के भालुकोंनहा में आस्था का केंद्र बना नीम का पेड़, निकल रहा ‘दूध’ जैसा तरल; चमत्कार मान उमड़ी भीड़
बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम भालुकोंनहा में इन दिनों एक नीम का पेड़ कौतूहल और गहरी आस्था का विषय बना हुआ है। पिछले करीब एक सप्ताह से इस पेड़ से दूध जैसा सफेद तरल पदार्थ निरंतर बह रहा है। ग्रामीण इसे दैवीय चमत्कार मानकर बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना के लिए पहुँच रहे हैं।
तेज गंध और नारियल पानी जैसा स्वाद
ग्रामीणों के अनुसार, कार्तिक राम कुमेटी के खेत में स्थित इस नीम के पेड़ से एक विशेष प्रकार की आवाज और तेज गंध के साथ सफेद द्रव निकल रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस तरल का स्वाद नारियल पानी की तरह मीठा है। ग्रामीणों ने अब इस द्रव को मटकों में भरकर इकट्ठा करना शुरू कर दिया है, जिसे वे प्रसाद के रूप में वितरित कर रहे हैं।
बीमारियों से राहत का दावा
भक्तों और स्थानीय लोगों के बीच यह विश्वास गहरा गया है कि इस ‘चमत्कारी’ तरल के सेवन से बीमारियों में राहत मिल रही है। इसके चलते लोगों ने पेड़ के चारों ओर पूजा स्थल बना दिया है, जहाँ पवित्र धागे बाँधे जा रहे हैं और अगरबत्ती व नारियल चढ़ाकर मन्नतें माँगी जा रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस अनोखी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दूर-दराज के इलाकों से लोग पहुँच रहे हैं। न केवल आम ग्रामीण, बल्कि स्कूली छात्र और शिक्षक भी इस घटना को प्रत्यक्ष देखने के लिए भालुकोंनहा का रुख कर रहे हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनाम आस्था
जहाँ एक ओर ग्रामीण इसे लोक देवी का आशीर्वाद मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे प्राकृतिक रासायनिक प्रतिक्रिया या पेड़ के भीतर होने वाले रस (सैप) का रिसाव मान रहे हैं। अक्सर पेड़ों में आंतरिक दबाव या किसी विशेष फंगल संक्रमण के कारण रस बाहर निकलने लगता है, जो हवा के संपर्क में आने पर दूधिया दिखाई दे सकता है। फिलहाल, वैज्ञानिक पुष्टि के अभाव में ग्रामीणों की आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है।










