छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कल से आएंगे बागेश्वरधाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री; 4 से 8 अक्टूबर तक सुनाएंगे हनुमंत कथा

 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कल से आएंगे बागेश्वरधाम के  पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री; 4 से 8 अक्टूबर तक सुनाएंगे हनुमंत कथा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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अंतरराष्ट्रीय कथावाचक और बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री चार अक्तूबर को सुबह दस बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

 

रायपुर।अंतरराष्ट्रीय कथावाचक और बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री चार अक्तूबर को सुबह दस बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां पर युवा समाजसेवी चंदन-बसंत अग्रवाल और स्मृति फाउंडेशन के सदस्य उनका भव्य स्वागत करेंगे।

भारत माता चौक पर होगा भव्य स्वागत, फिर करेंगे नगर भ्रमण

माना एयर पोर्ट से पं. शास्त्री जैसे ही भारत माता चौक पर पहुंचेंगे वहां भव्य स्वागत किया जाएगा। वहां से नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल के लिए निकलेंगे। गुढ़ियारी रायपुर की पावनधारा पर पहुंचते ही फूलों की वर्षा करते हुए कथा स्थल तक उनका स्वागत किया जाएगा।

पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन की ओर से दही हांडी उत्सव स्थल अवधपुरी मैदान गुढियारी में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लोगों को हनुमंत कथा का रसपान कराएंगे। इस दौरान दिव्य दरबार भी लगायेंगे। चार से आठ अक्टूबर तक इस स्थान पर दूसरी बार हनुमंत कथा होगी। युवा समाजसेवी चंदन-बसंत अग्रवाल (थान खम्हरिया वाले) के नेतृत्व में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। बागेश्वर सरकार किसी भी दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दिव्य दरबार लगा सकते हैं।

कथा स्थल की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं और इसके लिए विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने अलग-अलग जिम्मेदारी लेते हुए सेवा कर रहे है। इससे पहले चंदन- बसंत अग्रवाल, संजय दुबे प्रांत संपर्क प्रमुख, महेश बिरला रायपुर महानगर, संघ चालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गुढिय़ारी नगर, संघ चालक नरेंद्र उपाध्याय,दिलीप सिंह जूदेव के सुपुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा नंदन जैन, वरिष्ठ भाजपा नेता महानंद, सच्चिदानंद उपासने सहित बड़ी संख्या में पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के सदस्यों की उपस्थिति में रविवार को कार्यालय में बैठक लेकर सेवादारों के प्रमुखों को बिल्ला और बैच प्रदान किया गया।

‘हर कथा में कहते हैं- रायपुर उनका मौसिया का गांव है’

चंदन-बसंत अग्रवाल ने कहा कि पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देश में जहां पर भी कथा करते हैं। रायपुर छत्तीसगढ़ का नाम लेने से नहीं चूकते हैं। वे अपनी हर कथा में कहते हैं कि रायपुर उनका मौसिया का गांव है क्योंकि यह भगवान श्रीराम का नौनिहाल है। पहली बार वे यहां कथा करने आए थे तब उन्हें उम्मीद नहीं था कि इतनी बड़ी संख्या में भक्त कथा सुनने पहुंचेंगे और यहीं से उन्हें और अधिक ख्याति मिली। उन्होंने कहा कि इस बार वे 4 से 8 अक्टूबर 2025 को पुन: गुढिय़ारी रायपुर की धरा पर कथा करने के लिए आ रहे हैं। इस बार पिछली बार की अपेक्षा अधिक भक्तों के आने की संभावनाओं को देखते हुए अवधपुरी मैदान को भव्य पंडाल से सजाया जा रहा है और जगह-जगह पर एलईडी स्क्रीन लगाया जा रहा है कि ताकि भक्त आराम से पं. श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का रसपान कर सकें।

कथा सुनने आएंगे वीईआईपी

चंदन – बसंत अग्रवाल ने बताया कि बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा सुनने के लिए इस बार कई बड़े वीआईपी आने वाले हैं। जिनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव, विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह व उनकी धर्मपत्नी वीणा सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मंत्रिमंडल के सहयोगी, रायपुर के चारों विधायक सहित निगम, मंडल के सदस्य, नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर सहित अन्य गणमान्य नागरिक जन शामिल है।

 

फोर व्हीलर से कम बाइक से आएं कथा सुनने

आम जनता से अपील करते हुए युवा समाजसेवी चंदन – बसंत अग्रवाल ने कहा कि जब भी वे कथा सुनने आए तो बाइक से आएं। कथा स्थल से कुछ ही दूरी पर पार्किंग स्थल बनाया जा रहा है, जहां से आसानी से कथा का रसपान करने के बाद अपने गंतव्य स्थान की ओर जा सकते हैं। जाम में भी नहीं फंसेंगे। फोर व्हीलर का उपयोग कम ही करें। फोर व्हीलर के लिए भी पार्किंग की व्यवस्था है, लेकिन कथा खत्म होने के बाद उन्हें निकलने में ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पत्रकारों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां वे अपनी ईवी वेन, दुपहिया-चार पहिया वाहन को पार्किंग कर सकते हैं। बुजुर्ग और विकलांग लोगों के लिए नि:शुल्क 200 ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है।

 

भोजन से लेकर यातायात व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद

बाहर से आने वाले भक्तों के लिए रोजाना रात 9 और सुबह 10 बजे भोजन (भंडारा) की व्यवस्था की गई है। इससे पूर्व कथा समाप्त के बाद सभी भक्तों के लिए प्रसादी की भी व्यवस्था की गई है। पंडाल स्थल में पहले आओ-पहले पाओ की व्यवस्था रहेगी। क्योंकि लाखों भक्तगणों के बैठने की व्यवस्था समिति ने की है। यातायात और भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो सके, इसके लिए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस उनकी पूरी मदद कर रहा है। पूरे 6 दिनों तक यहां अपनी सेवाएं देंगे। आयोजन से जुड़े सभी सेवादारों को उनकी योग्यतानुसार जिम्मेदारियां सौंपी गईं ताकि प्रत्येक व्यवस्था त्रुटिहीन और सुगम हो। राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र के भक्तों में कथा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कई लोग अपनी सेवादारी करने के लिए यहां पहुंच चुके हैं।