25 को सितंबर को 300 कर्मचारी शिवनाथ नदी पर करेंगे(मॉक ड्रिल )राहत और बचाव के कार्य

 25 को सितंबर को 300 कर्मचारी शिवनाथ नदी पर करेंगे(मॉक ड्रिल )राहत और बचाव के कार्य

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार चौधरी

,*****************************************

25 को सितंबर को 300 कर्मचारी शिवनाथ नदी पर करेंगे(मॉक ड्रिल )राहत और बचाव के कार्य

दुर्ग। देश के कई हिस्सों में बाढ़ की वजह से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने देश के बाकी राज्यों को आपदा प्रबंधन को बाढ़ आने की स्थिति में उससे निपटने मॉक ड्रिल करने का निर्देश दिया है। मंगलवार को राज्य सरकार ने 15 जिलों में मॉक ड्रिल करने के आदेश दिया है। मॉक ड्रिल 25 सिंतबर को सुबह 9 बजे शिवनाथ नदी के दो पाइंट महमरा और पीसेगांव में होगी। इसमें जिले के सभी विभाग शामिल होकर अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। जानकारी के मुताबिक करीब 3 सौ कर्मचारी मॉक ड्रिल में शामिल होंगे। इसमें पुलिस, पीडब्लूडी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत बाकी ि‍वभाग के कर्मचारी होंगे। मॉक ड्रिल करीब 7 घंटे चलेगी। इसके बाद समीक्षा भी होगी, जिससे अगर कहीं चूक होगी, तो उसे आने वाले दिनों में उसे सुधारा जा सके।

जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक मॉक ड्रिल तीन पाइंट पर ध्यान में रखकर आयोजित की जा रही है। पहला अगर बाढ़ आ गई और गांव या कोई क्षेत्र पूरी तरह डूब गया तो क्या करना है। दूसरा बाढ़ आने पर अगर कोई पेड़ या छत पर फंस गया तो उसे कैसे बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना है। तीसरा अगर बारिश और बाढ़ में कोई पुल पुलिया बह गई तो राहत और बचाव कार्य किस तरह करना है। मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दुर्ग के संयुक्त तत्वाधान में वीडियो कॉनफ्रेिंसंग से मॉक ड्रिल का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि अभ्यास के दौरान शांति बनाए रखें। किसी भी तरह के अफवाहों से बचे।