छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में दर्दनाक सड़क हादसा डोंगरगढ़ दर्शन करने पैदल जा रही युवती को थार ने कुचला,कलेक्टर बनने का था सपना रह गया अधूरा
प्राइम सी 24 news से दुर्ग संभाग ब्यूरो चीफ जावेद खान की रिपोर्ट
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-राजनांदगांव में दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे को कार ने कुचल दिया. इस हादसे में भिलाई की रहने वाली एक 20 साल की छात्रा की मौत हो गई. छात्रा आईएएस की तैयारी कर रही थी और वह कलेक्टर बनना चाहती थी.
राजनांदगांव।छ्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सड़क हादसे में छात्रा की मौत हो गई. डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के जत्थे को थार ने कुचल दिया. इस हादसे में भिलाई की छात्रा महिमा साहू की मौत हो गई. 20 साल की महिमा साहू 2023 में 12वीं की टॉप थी. उसने राज्य में 6वीं रैंक हासिल किया था. महिमा कलेक्टर बनना चाहती थी और आईएएस की तैयारी कर रही थी. यह घटना सोमनी थाना इलाके की है.
थार ने टक्कर मारी
जानकारी के अनुसार, महिमा अपनी बहन और मोहल्ले के बाकी श्रद्धालुओं के साथ पैदल यात्रा में शामिल होकर दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जा रही थी. महिमा के मामा नितेश साहू ने बताया कि सोमवार रात 8:30 बजे वो अपनी छोटी बहन याचना के साथ पैदल डोंगरगढ़ दर्शन के लिए निकली थी. इसी बीच रास्ते में थार तेज रफ्तार से आई, जिसे देख दोनों बहन घबरा गईं. इसी दौरान बहनों का हाथ छूट गया और थार ने टक्कर मार दी. इस हादसे में महिमा घायल हो गई, उसे अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
थार लेकर भागा ड्राइवर
लोगों ने बताया कि हादसे के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा पर थे. लोग जय माता द के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे. इसी बीच तेज रफ्तार थार ने महिमा को टक्कर मार दी. इसी बीत तेज रफ्तार थार महिमा को टक्कर मारकर फरार हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही सोमनी पुलिस मौके पर पहुंची और फरार वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिसमें थार का नंबर का पता चला. नंबर की मदद से पुलिस ने ड्राइवर को पकड़ लिया है. थार रायपुर के रहने वाले राजा सिंह के नाम रजिस्टर्ड है. पुलिस ने यह जानकारी नहीं दी है कि थार कौन चला रहा था. पुलिस ने राजा सिंह को अरेस्ट किया है.
पोस्ट ऑफिस में नौकरी कर रही थी महिमा
महिमा कोंडागांव के पोस्ट ऑफिस में सरकारी नौकरी कर रही थी. वहां 4 घंटे ड्यूटी करने के बाद वह रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थी. वह कलेक्टर बनना चाहती थी. उसके पिता एक ट्रक ड्राइवर है. परिवार का कहना है कि महिमा का 16 घंटे का शेड्यूल था. वह दिन-रात मेहनत कर पढ़ाई करती थी. परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे के आरोपी को जल्द से जल्द सजा दी जाए.










