ऑपरेशन सिंदूर सफल कैसे… पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर राजनीति तेज, कांग्रेस ने उठाए सवाल
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार
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कांग्रेस ने पूछा, क्या पीएम ने स्वीकारी कश्मीर पर अमेरिकी मध्यस्थता
पार्टी ने पाक से संघर्ष विराम की शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की
कहा- पहलगाम के गुनहगार पकड़े नहीं गए तो ऑपरेशन सफल कैसे
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट का हवाला देते हुए पूछा कि क्या अमेरिका के दबाव में कश्मीर पर देश की नीति बदल दी गई है? इसके साथ ही उन्होंने सरकार से पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष विराम की शर्तों को भी सार्वजनिक करने की मांग की।
बघेल के मुताबिक, पहलगाम में आतंकी हमले में 26 बेगुनाहों की जान गई थी और उसके बाद सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर का एलान किया था, क्या इस वारदात को अंजाम देने वाले सभी आतंकियों को पकड़ लिया गया। यह नहीं हुआ तो फिर ऑपरेशन सफल कैसे हुआ? इसे क्यों रोक दिया गया?
पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के उदाहरण के माध्यम से भारत के दुश्मनों के लिए सीमा रेखा खींच दी है। मोदी ने देश के संकल्प को दोहराया है कि भारत उस वक्त तुरंत जवाब देगा जब भी हमारे दुश्मन कोई गलती करने की हिम्मत करेंगे। प्रधानमंत्री ने साबित किया है कि भारत का कोई भी दुश्मन सजा से नहीं बच सकता।
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत होगी तो वह केवल आतंकवाद और पीओजेके के मुद्दे पर होगी। प्रधानमंत्री का संबोधन न केवल भारत की भावनाओं का प्रदर्शन था, बल्कि देश की सैन्य, कूटनीतिक और नैतिक शक्ति का भी परिचायक था। –
राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते, आतंकवाद और व्यापार एक साथ नहीं चल सकते। खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। –
निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री









