छत्तीसगढ़ के दुर्ग में सायरन बजते ही ब्लैकआउट:घर-दुकानों की लाइटें बंद, गाड़ियां अचानक रुकीं; अंधेरे में हवाई हमले से बचने की जानकारी देते रहे अफसर

 छत्तीसगढ़ के दुर्ग  में सायरन बजते ही ब्लैकआउट:घर-दुकानों की लाइटें बंद, गाड़ियां अचानक रुकीं; अंधेरे में हवाई हमले से बचने की जानकारी देते रहे अफसर

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग  में सायरन बजते ही ब्लैकआउट:घर-दुकानों की लाइटें बंद, गाड़ियां अचानक रुकीं; अंधेरे में हवाई हमले से बचने की जानकारी देते रहे अफसर

 

 

दुर्ग।पाकिस्तान से तनाव के बीच आज (7 मई) दुर्ग में युद्ध के दौरान बचाव के तरीके बताए गए। 2 चरणों में हवाई हमले से बचने की रिहर्सल की गई। पहले मॉकड्रिल हुई और फिर शाम 7.30 बजे ब्लैकआउट किया गया।

शाम 4 बजे से मॉकड्रिल की शुरुआत हुई। करीब डेढ़ घंटे की प्रैक्टिस के बाद मॉकड्रिल का फर्स्ट फेज खत्म हुआ। दूसरे फेज में पूरे शहर में लोगों ने घर-दुकानों की लाइट बंद की। चलती गाड़ियां भी अचानक सड़क पर रुक गई। पूरे शहर में अंधेरा छा गया।

 

इस अंधेरे के बीच कई अफसर हवाई हमले से बचने की टिप्स देते रहे। देश के 244 इलाकों में ये मॉकड्रिल हुई जिसमें छत्तीसगढ़ का दुर्ग-भिलाई शहर भी शामिल था। भिलाई स्टील प्लांट को देखते हुए दुर्ग को अलर्ट पर रखा गया।

 

ब्लैकआउट के दौरान BSP में मेन एंट्री गेट का नजारा

पहले फेस में SDRF ने आग लगने पर एक्शन और घायल जवानों को कैसे ले जाया गया यह बताया गया। साथ ही सिविल डिफेंस का अभ्यास कराया गया। वहीं सूर्या मॉल में पहले फेस में ही ब्लैकआउट किया गया।