6 महीने से रायपुर जेल में बंद भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत –

 6 महीने से रायपुर जेल में बंद भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत –

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार

 

दुर्ग: भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को जमानत मिल गई है. देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है. बलौदाबाजार हिंसा के मामले में विधायक पिछले 6 महीने से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे.

 

19 फरवरी को देवेंद्र यादव के लिए कार्यकर्ताओं ने किया सुंदरकांड का पाठ: बुधवार को देवेंद्र यादव का जन्मदिन था. जन्मदिन के दूसरे ही दिन देवेंद्र यादव को बड़ी खुशखबरी मिली है. विधायक के जन्मदिन के मौके पर भिलाई के सुपेला चौक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुंदरकांड का पाठ किया और देवेंद्र यादव की रिहाई की कामना की थी.

 

 

क्या है बलौदाबाजार हिंसा: बलौदाबाजार जिले के महकोनी गांव में 15 और 16 मई की दरमियानी रात अमर गुफा में धार्मिक चिन्ह को नुकसान पहुंचाने के बाद समुदाय विशेष का गुस्सा फूट गया. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. लेकिन समाज के लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए और सीबीआई जांच की मांग की. इसी घटना को लेकर 10 जून को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में सभा की गई. जिसमें प्रदेशभर के समाज के लोग पहुंचे. सभा के बाद आक्रामक भीड़ ने बलौदाबाजार एसपी और कलेक्ट्रेट कार्यालय में आग लगा दी. कई गाड़ियां फूंक दी गई. इस सभा में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव भी पहुंचे थे. जिससे उन पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा.

 

17 अगस्त को हुई थी देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी: कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की 17 अगस्त को गिरफ्तारी हुई थी. उन्हें भिलाई में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद 17 अगस्त की रात को ही बलौदाबाजार कोर्ट में पेशी हुई. देवेंद्र यादव की दूसरी पेशी 20 अगस्त को हुई. उसके बाद बलौदाबाजार कोर्ट में तीसरी पेशी 27 अगस्त को हुई. 3 सितंबर को चौथी पेशी हुई. 9 सितंबर को पांचवीं पेशी हुई. 17 सितंबर को उनकी छठवीं पेशी बलौदाबाजार कोर्ट में हुई. इसके बाद कई पेशी होने के बाद विधायक देवेंद्र यादव जमानत याचिका के लिए अपील की. लेकिन बलौदाबाजार सीजेएम कोर्ट, जिला सत्र न्यायालय बलौदाबाजार और हाईकोर्ट बिलासपुर से उनकी जमानत याचिका खारिज हो गई. जिसके बाद विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई. जिस पर कोर्ट ने 20 फरवरी की तारीख सुनवाई के लिए तय की.