तैंतीस वर्ष बाद हाईकोर्ट जज करें जांच, उठी मांग

 तैंतीस वर्ष बाद हाईकोर्ट जज करें जांच, उठी मांग

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आसिफ खान  बीरेंद्र कुमार चौधरी , निखिल कुमार पाठक

कैमरामैन सौदागर निहाल

 

तैंतीस वर्ष बाद हाईकोर्ट जज करें जांच, उठी मांग

 

नियोगी पुण्यतिथि पर निकली शोक रैली, सैकड़ों महिलाएं और पुरुष बने हिस्सा।

 

राजनांदगांव। आज से तैंतीस वर्ष पूर्व दिहाड़ी मजदूरों के मसीहा कामरेड शंकर गुहा नियोगी की शहादत हुई थी। इस शहादत को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए क्षेत्र के कामगारों ने लोकसभा व रैली निकालकर शहीद शंकर गुहा नियोगी अमर रहे का गगनचुंबी नारा लगाते हुए दो की लाईन में निकले।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के भीमराव बागड़े के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुषों ने बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लिया। उल्लेखनीय है की 27-28 सितम्बर की दरमियानी रात शंकर गुहा नियोगी रायपुर के पिकाडली होटल से भिलाई स्थित हुडको के मकान में आकर खिड़की के पास सो रहे थे। कहा जाता है कि उस दौरान खिड़की के बाहर से उनपर अंधाधुंध गोली बरसाई गई जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।

आज मोर्चा के श्री बागड़े ने प्राइम सी 24 न्यूज व छत्तीसगढ़ केसरी से चर्चा करते हुए कहा कि अब हमारी मांग है कि हाईकोर्ट के जज स्व नियोगी की हत्याकांड की पुनः जांच कर दोषियों को सजा दिलाएं।